महाकुंभ में गंगा में दुर्लभ मछलियों का फिर से दिखना चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदूषण के कारण विलुप्त हो रही इन मछलियों को लोग दूर-दूर से देखने आ रहे हैं। 

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले का आज 25वां दिन है। लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। इस बीच, गंगा से लगातार गायब होती मछलियों का दोबारा दिखाई दी हैं। गंगा में कई दुर्लभ प्रजातियों की मछलियां या तो विलुप्त हो गईं या फिर विलुप्ति की कगार पर हैं।

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कई योजनाओं पर काम कर रहा प्रशासन

विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी मुख्य वजह गंगा के जलस्तर में बढ़ता प्रदूषण है। हालांकि, अब इन गायब होती मछलियों को महाकुंभ नगर में देखा गया है जिससे वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् हैरान हैं। जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और गंगा की जैव विविधता को बचाने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

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महाकुंभ में चर्चा का विषय बनीं विलुप्त मछलियां

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में इस बार गंगा नदी से विलुप्त होती मछलियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सरकार नमामि गंगे मिशन के तहत इन मछलियों को संरक्षित करने के प्रयास कर रही है। गंगा में विलुप्त हो चुकी दुर्लभ मछलियों को केमिकल के जरिए प्रिजर्व किया गया है, ताकि उन पर शोध और अध्ययन किया जा सके। इन मछलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।

मछलियों को देखने दूर-दूर से आ रहे लोग

प्रदर्शनी में आने वाले लोग संरक्षित मछलियों के साथ सेल्फी ले रहे हैं और उनके वीडियो बना रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि प्रिजर्व की गई ये मछलियां अब मरने की हालत में हैं, जिससे इनके संरक्षण को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सरकार और वैज्ञानिक अब इस दिशा में काम कर रहे हैं कि गंगा की पारिस्थितिकी को बेहतर बनाकर इन विलुप्त होती प्रजातियों को पुनर्जीवित किया जा सके।