अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश में भी कड़ी नजर रखी जा रही है। खासतौर से नेपाल से जुड़े जिलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

लखनऊ: हरियाणा के शाहाबाद में अमृतपाल 19 मार्च की रात आया था और फिर वहां से अपने सहयोगी पपलप्रीत के साथ फरार हो गया। जब से वह फरार हुआ है, वह सिर्फ न अपने हुलिया बदल रहा बल्कि वाहन भी बदल रहा है। इस वजह से आशंका जताई जा रहा है कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह यूपी के रास्ते नेपाल भाग सकता है। राज्य के पांच जिलों से नेपाल का बॉर्डर भी लगता है, इसी वजह से इन सभी जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पीलीभीत को कहा जाता है मिनी पंजाब

अमृतपाल को पकड़ने के अलर्ट के साथ-साथ उसके जगह-जगह पर पोस्टर भी लगाए गए हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अमृतपाल की लास्ट लोकेशन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मिली थी उसके बाद वहां से वह यूपी और उत्तराखंड जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि यूपी का पीलीभीत मिनी पंजाब है और यहां से पहले भी खालिनस्तानी कनेक्शन रहे हैं। इस वजह से संभावना है कि वह पीलीभीत होते हुए निकल जाए।

महाराजगंज में नेपाल से लगता है 84 किमी का बॉर्डर

उत्तर प्रदेश के नेपाल से जुड़ने वाले पांचों जिलों पर बीएसफ ने चौकसी बढ़ा दी है। इसी कारणवश हर आने जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। वहां से गुजरने वाली सभी गाड़ियों की चेकिंग बढ़ा दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि अमृतपाल हुलिया बदलकर बॉर्डर पार करने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से महाराजगंज में नेपाल से लगते 84 किमी. के बॉर्डर पर जगह-जगह अमृतपाल और उसके साथी पपलप्रीत के पोस्टर लगाए गए हैं। साथ ही मुख्य रूप से चलने वाले सनौली बॉर्डर पर सर्वाधिक सतर्कता बरती जा रही है।

डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- पिछड़े वर्ग का अपमान करने की मिली है सजा