माफिया अतीक अहमद के बुरे दिन उमेश पाल हत्याकांड के बाद शुरू हो गए थे। उस घटना के बाद से ही कई माफिया के कई सहयोगी उसका फोन तक नहीं उठा रहे थे।

प्रयागराज: अतीक और अशरफ की हत्या के बाद लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। माफिया के दौरान साबरमती जेल में रहने के दौरान गुजरात समेत कई राज्यों में 1500 करोड़ रुपए की संपत्तियों में निवेश किया था। इन संपत्तियों के के दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में होने के सबूत मिले हैं। इसके बाद पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है।

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अतीक के साथ जेल में बंद रहे लोग निवेश में बने पार्टनर

उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब अतीक पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हुआ तो उसके सहयोगियों ने भी किनारा करना शुरू कर दिया। पुलिस पड़ताल में पता लगा कि साबरमती जेल में बंद रहे जीतू और केतन के साथ अतीक के जमीन कारोबार को लेकर करोड़ों की पार्टनरशिप थी। नजीर बोरा भी अतीक के साथ साबरमती जेल में बंद रह चुका है। जब प्रयागराज में अतीक की संपत्तियों पर बुलडोजर चलना शुरू हुआ तो उसके द्वारा अपराध से कमाई गई दौलत को गुजरात में निवेश करना शुरू कर दिया गया। इसी के साथ अतीक के द्वारा राजस्थान में भी निवेश किए जाने के सबूत मिले हैं।

अतीक के सहयोगियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस की पड़ताल में पता लगा कि पुलिस का शिकंजा कसने के साथ ही अतीक के गैंग के सदस्यों और पार्टनर ने धोखा देना शुरू कर दिया। कई लोग उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक का फोन भी नहीं उठाते थे। माफिया ब्रदर्स की हत्या के बाद पुलिस उनके सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि इन पार्टनर से पूछताछ करने के बाद अतीक की संपत्तियों और उससे जुड़ी अन्य जानकारियों पुलिस के हाथ लग सकती हैं। वहीं इस बीच अतीक की पत्नी शाइस्ता की तलाश को लेकर भी पुलिस की टीम लगातार छापेमारी में जुटी हुई है। हालांकि खुफिया तंत्र और अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम के बावजूद अभी तक उसका पता नहीं चल सका है।

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