CM Yogi Adityanath Vision for Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार का नया इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से यमुना एक्सप्रेसवे का पूरा इलाका एक विशाल औद्योगिक कॉरिडोर में बदल जाएगा, जहां फिनटेक सिटी और हाईटेक क्लस्टर्स विकसित होंगे। 

CM Yogi Adityanath Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और व्यापार के एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ हमारे प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे पूरी दुनिया के निवेश के नक्शे पर एक बड़ी जगह दिलाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की इकोनॉमी के लिए गेमचेंजर बताया है। उनका कहना है कि यह प्रोजेक्ट निवेश, इंडस्ट्री और रोजगार के नए अवसरों के दरवाजे खोल देगा।

यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया इंजन

यमुना एक्सप्रेसवे और इसके आसपास के इलाकों में अभी से बड़े पैमाने पर निवेश (Investment) के प्रस्ताव आने शुरू हो गए हैं। एयरपोर्ट की वजह से यह पूरा क्षेत्र तेजी से एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में बदल रहा है। देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहाँ अपनी यूनिट्स लगाने में काफी दिलचस्पी दिखा रही हैं। एयरपोर्ट के आसपास कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और डेटा सेंटर, एमएसएमई (MSME) पार्क और हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल (कपड़ा) और टॉय पार्क शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में यहां सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी है, जिससे हाईटेक इंडस्ट्री को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहाँ फिनटेक सिटी जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट भी आएंगे, जो इस इलाके को टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बना देंगे।

निर्यात (Export) को मिलेगी नई रफ्तार

मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को उसकी ‘लैंडलॉक्ड’ (चारों तरफ जमीन से घिरे होने) की स्थिति से बाहर निकाल देगा और सीधे ग्लोबल मार्केट से जोड़ देगा। इसका फायदा यह होगा कि यूपी के प्रोडक्ट्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के कई बड़े आर्थिक फायदे हैं। इससे लगभग 1 लाख लोगों को डायरेक्ट या इनडायरेक्ट काम मिलने की संभावना है। करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा होने का अनुमान है। सरकार को इससे लगभग 2000 करोड़ रुपये का टैक्स मिल सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

भविष्य के विकास का मजबूत आधार

यह प्रोजेक्ट लंबी प्लानिंग के साथ तैयार किया गया है और इसका कंसेशन पीरियड 40 साल का है। अनुमान है कि साल 2061-62 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई होगी। यह आंकड़ा इसकी बड़ी आर्थिक ताकत को दिखाता है। कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी के लिए सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, एक्सपोर्ट और रोजगार का एक कम्प्लीट विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में यह उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।