Who is Colonel Sofia Qureshi: कर्नल सोफिया कुरैशी, बुंदेलखंड की बेटी, ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर देश का नाम रोशन किया। उनकी बहादुरी की कहानी अब हर घर में प्रेरणा बन रही है।

Colonel Sophia Qureshi biography: जिस मिट्टी से रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना ने अंग्रेजों को ललकारा था, उसी वीरभूमि की एक और बेटी ने दुश्मनों को उनकी ही धरती पर जाकर मुंहतोड़ जवाब दिया है। कर्नल सोफिया कुरैशी, भारतीय सेना की वो शख्सियत हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह करने में नायक की भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी ने देशभर का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है, वहीं बुंदेलखंड के छतरपुर और झांसी में जश्न का माहौल है।

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ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया की वीरता का प्रदर्शन

6-7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी शिविरों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया। यह हमला पहलगाम आतंकी हमले का बदला था, जिसमें भारतीय सेना ने दुश्मन की नींद उड़ा दी। ऑपरेशन की जानकारी देने के लिए सेना ने जब आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग की, तब कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने सामने आकर पूरे मिशन की जानकारी दी। इसके बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों तक हर जगह "कर्नल सोफिया" की बहादुरी के चर्चे हैं।

बुंदेलखंड से बॉर्डर तक: सोफिया की कहानी प्रेरणा बन गई

कर्नल सोफिया का जन्म 12 दिसंबर 1975 को छतरपुर (नौगांव) में हुआ। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा नौगांव के शासकीय हाई स्कूल देवी मंदिर से ली और बाद में पीएचडी तक की पढ़ाई की। सेना में उनका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के माध्यम से हुआ। वे झांसी के बबीना में मेजर के तौर पर तैनात रहीं। यहीं से उन्हें गुजरात के गांधीनगर ट्रांसफर किया गया, जहां उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल और फिर कर्नल रैंक प्राप्त हुई। झांसी में उनकी पोस्टिंग के दौरान कई बार वह स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं को प्रेरित करने भी गई थीं।

पूरा परिवार सेना की सेवा में, वीरता खून में दौड़ती है

कर्नल सोफिया का परिवार भी पूरी तरह सेना के रंग में रंगा हुआ है।

  • पिता बीएसएफ में सूबेदार रह चुके हैं।
  • पति भी सेना में अधिकारी हैं।
  • दो चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मोहम्मद भी BSF में सूबेदार रहे हैं।
  • वर्तमान में सोफिया का परिवार गुजरात के बड़ोदरा में रहता है, लेकिन उनके ताऊ का परिवार आज भी झांसी के भट्टागांव में निवास करता है।

झांसी में जश्न का माहौल, हर लड़की बनना चाहती है 'सोफिया'

कर्नल सोफिया की बहादुरी की खबर जब झांसी और नौगांव में पहुंची तो घर पर बधाई देने वालों की कतार लग गई। उनकी भतीजी ने कहा “सोफिया दीदी हमारे लिए रोल मॉडल हैं। अब मैं भी सेना में जाना चाहती हूं।” वहीं उनकी बहन शबाना कुरैशी ने कहा "सोफिया ने हमारे पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है, अब पाकिस्तान को और भी कड़ा सबक मिलना चाहिए।"

झांसी से रानी, अब बॉर्डर पर 'सोफिया'

झांसी की धरती पर रानी लक्ष्मीबाई ने जिस शौर्य की कहानी लिखी, उसी शौर्य को आज कर्नल सोफिया कुरैशी ने बॉर्डर पर दोहराया है। उन्होंने साबित कर दिया कि बुंदेलखंड की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। देश को कर्नल सोफिया कुरैशी पर गर्व है और हर बेटी को उनसे प्रेरणा लेने की ज़रूरत है। जब-जब कोई दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर देखेगा, तब-तब सोफिया जैसी वीरांगनाएं उस आंख को बंद कर देने का साहस रखती हैं।

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