उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में खेलते-खेलते चार भाई-बहन की एक साथ मौत हो गई। मासूम चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन कोई उन्हें नहीं बचा सका। इस दुखद खबर बच्चों के पिता को लगी तो उन्होंने भी सदमे में जहर खा लिया। 

उन्नाव. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। जहां सगे चार भाई-बहन की एक साथ मौत हो गई। चारों चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन उन्हें कोई बचाने वाला नहीं था। परिवार के लोग खेत पर काम पर गए थे। दरअसल, चारों बच्चे घर में खेल रहे थे, इसी दौरान चारों एक-एक करके बिजली के करंट की चपेट में आ गए और मौत हो गई। जब दुखद खबर बच्चों के पिता को लगी तो उन्होंने भी सदमे में जहर खा लिया। हालांकि उन्हें बचा लिया गया है। वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं।

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एक को बचाने में तीन की और हुई मौत

दरअसल, यह घटना उन्नाव जिले के बारासगवर थाना के लालमन खेड़ा गांव की है। यहां के निवासी वीरेंद्र कुमार के चार बेटे बुधवार को अपने घर में खेल रहे थे। कमरे में एक टेबिल फैन चल रहा था। तभी एक बच्चे ने पंखे को छू लिया और उसे करंट लग गया। उसकी चीखने की आवाज सुनकर उसे बचाने के लिए बाकी के तीन बच्चे और उसके पास गए लेकिन तीनों एक-एक करके करंट से चपेट में आ गए।

चारों मासूम 9 साल से छोटे थे...

घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव वरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए। जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान मयंक (9), हिमांशी (8), हिमांक (6) और मानसी (4) के रूप में हुई। चारों मासूम आपस में भाई-बहन थे। वहीं मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी दिलीप प्रजापति ने बताया कि वीरेंद्र कुमार ने भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें बचा लिया गया है। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

मां बिलख रही और पिता ने खा लिया जहर

बताया जाता है कि जिस वक्त मासूमों की करंट लगा उस दौरान वह घर में अकेले थे। बच्चों के माता-पिता खेत पर काम पर गए थे। जैसे ही उनको इस घटना के बारे में पता चला तो उनके तो होश ही उड़ गए। पिता के पैरों तले की जमीन ही खिसक गई। मां अपने मासूमों की शव गोद में रख रोने-बिलखने लगी। वहीं दुखी पिता ने कमरे में जाकर सुसाइड करने की कोशिश की और जहर खा लिया।