गाजीपुर के कटरियां गांव में निशा विश्वकर्मा की मौत के बाद प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। 30 अप्रैल तक किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस और कैंडल मार्च पर रोक लगा दी गई है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

लखनऊ/गाजीपुर। गाजीपुर के कटरियां गांव (थाना करंडा क्षेत्र) में 15 अप्रैल को निशा विश्वकर्मा की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना को लेकर विपक्ष और कुछ अन्य लोगों द्वारा मुद्दे को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन को आशंका है कि इससे जिले का माहौल बिगड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पूरे जिले में धारा 163 लागू कर दी है।

30 अप्रैल तक प्रदर्शन और जमावड़े पर रोक

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, 30 अप्रैल तक जिले में किसी भी राजनीतिक दल या समूह को एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति इस घटना को लेकर आंदोलन या प्रदर्शन के उद्देश्य से समूह नहीं बना सकेगा। साथ ही, बाहर से भी कोई व्यक्ति अकेले या समूह में गाजीपुर में प्रवेश कर इस मामले में भाग नहीं ले सकेगा।

जुलूस, कैंडल मार्च और नारेबाजी पर प्रतिबंध

प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार का जुलूस, प्रदर्शन, कैंडल मार्च या नारेबाजी नहीं की जा सकती। इसके अलावा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटरियां गांव में सहानुभूति जताने के लिए भी किसी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल के जाने पर रोक लगा दी गई है।

अफवाहों को लेकर प्रशासन की सख्ती

गाजीपुर पुलिस के अनुसार, कुछ शरारती तत्वों और कुछ राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा इस घटना को लेकर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाई जा रही है। इन अफवाहों के कारण आम जनता में गुस्सा, डर और असंतोष फैलने की आशंका है। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धारा 163 लागू की गई है।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।