Kanpur News : उत्तर प्रदेश के कानपुर सनसनीखेज मर्डर का खुलासा हुआ है। जहां एक आरोपी ने अपनी एक गर्लफ्रेंड का राज पता जलते ही दूसरी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि मर्डर के दो महीने बाद राज खुला है।

Uttar Pradesh News : यूपी के कानपुर में एक बॉयफेंड इतना बड़ा पत्थर दिल निकला की उसने पहले तो बेहरमी से गर्लफ्रेंड की गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर मर्डर के बाद लाश के साथ सेल्फी भी ली। आरोपी ने इसके बाद अपने एक दोस्त के साथ मिलकर लाश को सूटकेश में पैक किया और घटना स्थल से करीब 100 किलोमीटर दूर बांदा की यमुना नदी में फेंक दिया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कानपुर में मर्डर का 2 महीने बाद हुआ खुलासा

दरअसल, यह खौफनाक घटना कानपुर जिले के सुजनीपुर गांव की है। जहां एक महीने पहले 20 अगस्त को हनुमंत विहार थाने में पिता ने अपनी बेटी आकांक्षा उर्फ माही (20) के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने करीब एक महीने तक लगातार उसकी खोज की, लेकिन आकांक्षा का कहीं कोई पता नहीं चला। अब इस मामले का खुलासा युवती की हत्या के 2 महीने बाद हुआ है। आरोपी ने जुलाई में लड़की की बेरहमी से हत्या की थी।

यह भी पढ़ें-UP News : पकड़ा गया कौशांबी की रिया का जानी दुश्मन सांप, 42 दिन में 10 बार डसा

आरोपी ने बना रखी थीं दो-दो गर्लफ्रेंड

मामले की जांच कर रहे कानपुर के डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया- आकांक्षा की मां विजय श्री से बातचीत के बाद सामने आया है कि उनकी बेटी बड़ी बहन के साथ बर्रा स्थित गुड फूड रेस्टोरेंट में काम करने के साथ ही पढ़ाई भी करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सूरज नाम के लड़के से हुई। दोनों में दोस्ती हो गई और वह एक दूसरे को प्यार करने लगे। इतना ही नहीं आक्षांशा बहन को छोड़कर सूरज के साथ लिव-इन में रहने लगी।

एक मुलाकात और कर दिया मर्डर

सूरज के साथ रहने पर आक्षांशा को पता चला कि सूरज की जिंदगी में एक और लड़की है, जिससे वह फोन पर बातें करता था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि आकांक्षा दूसरी लड़की को लेकर रोज विवाद करने लगी थी। बात बात पर झगड़ने लगी थी। इसलिए मैंने उसे रास्ते से हटाने के लिए 21 जुलाई को उसको एक जगह समझाने के लिए बुलाया, लेकिन वहां भी वह झगड़ने लगी। तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर मैंने अपने दोस्त आशीष को बुलाया और शव को सूटकेस में भरकर बाइक से बांदा पहुंचें और यमुना नदी में फेंक दिया।

यह भी पढ़ें-पिता की मौत पर एक ही परिवार के दो भाइयों ने पाई नौकरी, ऐसे खुला आश्रित कोटे का फर्जीवाड़ा