Kanpur News : यूपी के कानपुर में एक नाबालिग छात्र ने अपनी बीमारी के बारे में गूगल पर 65 बार सर्च करने के बाद सुसाइड कर लिया। दुखद बाद यह है कि परिवार छठ पूजा करने के लिए बिहार के भागलपुर गया हुआ था। 

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में आरव नाम के नाबालिग लड़के ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना उस वक्त घटी जब परिवार छठ पूजा कर रहा था, तभी इकलौते बेटे ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। बेटे ने मौत की वजह और जो सुसाइड छोड़ा है, उसे पढ़कर परिवार क्या पुलिस के भी होश उड़ गए। जो वजह लिखी है, वह आपने अभी तक किसी हॉरर फिल्म में सुना और देखा होगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

माता-पिता छठ पूजा के लिए बिहार गए हुए थे

दरअसल, यह घटना कानपुर के कोहला इलाके की है। जहां 11वीं क्लास में पढ़ने वाले आरव मिश्र नाम के लड़के सोमवार यानी 27 अक्टूबर घर में फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। बता दें आरव के माता-पिता छठ पूजा के लिए बिहार भागलपुर गए हुए थे। वहीं उसकी बहन कॉलेज चली गई हुई थी, घर में सिर्फ दादी अकेली थीं, ऐसे में आरव सुबह से पढ़ाई के नाम पर कमरे में था, जब दादी उसे शाम को बुलाने के लिए गईं तो उसने दरवाजा नहीं खोला, काफी देर के बाद जब उन्होंने खिड़की से झांकर देखा तो पंखे पर शव लटक रहा था।

चौंकाने वाला सुसाइड नोट पढ़कर पुलिस भी शॉक्ड

आरव ने मरने से पहले सुसाइड नोट में लिका-उसे भूत-प्रेतों का डर सताता है, सपने में वो रोज आते हैं और मुझे अपनी जान लेने या परिवार को मारने की धमकी देते हैं। इतना ही नहीं आरव ने इस बात के बारे में अपनी बहन मान्या को भी बताया था कि उसे भूत जैसे तीन से चार लोग आते हैं। वो कहते हैं कि या तो खुद जान दे दो या परिवार को मार डालो।

पुलिस ने जब आरव के मोबाइल की चेक की हिस्ट्री

मामले की जांच कर रहे कोहना थाना प्रभारी विनय कुमार तिवारी ने बताया- आरव के मोबाइल की हिस्ट्री चेक की तो उसने ‘सिजोफ्रेनिया’ बीमार को गूगल पर कई बार सर्च किया था। यह एक मानसिक बीमारी होती है। जो सोचने और व्यवहार करने के तरीके बदल देती है। इस पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं। दुखद बात यह है कि आरव ने कभी अपनी इस बीमारी या समस्या के बारे में माता-पिता से कभी बात नहीं की।