Lucknow Mystery: कारोबारी ने पत्नी-बेटी संग खाया ज़हर? आखिरी कॉल, नोट और तीन मौतें... क्या ये कर्ज का बोझ था या कोई गहरा राज छिपा है फ्लैट की दीवारों में? जानिए वो वजह जिसने पूरे परिवार को निगल लिया।

Lucknow Triple Suicide Mystery: राजधानी लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र स्थित अशरफाबाद इलाके में सोमवार की सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक ही फ्लैट में कारोबारी शोभित (48), पत्नी (45) सुचिता और उनकी बेटी ख्याति (16) की लाशें मिलीं। तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की। लेकिन क्या यह आत्महत्या वास्तव में सिर्फ कर्ज की वजह से थी, या इसके पीछे छिपा है कोई और राज?

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बेटी की कॉल बनी रहस्य की पहली कड़ी

इस दर्दनाक घटना की पहली सूचना सुबह करीब 5 बजे मिली, जब ख्याति नाम की किशोरी ने अपनी चाची को फोन कर कहा—"मम्मी-पापा की तबीयत बहुत खराब है, जल्दी आइए।" जब तक मदद पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस को बुलाया गया और तीनों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट में छुपा कारोबारी परिवार का दर्द

फ्लैट से बरामद सुसाइड नोट में शोभित रस्तोगी नाम के कारोबारी ने लिखा कि वे कर्ज में डूब चुके थे। बैंक लोन चुका पाना मुश्किल हो रहा था, व्यापार ठप हो गया था, और मानसिक तनाव इतना बढ़ चुका था कि उन्हें आत्महत्या का निर्णय लेना पड़ा। शोभित की दुकान "जुगल फैशन पॉइंट" राजाजीपुरम में थी, लेकिन पिछले कुछ समय से व्यापार में भारी घाटा हो रहा था।

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क्या ख्याति ने खुद जान दी या थी मजबूर?

सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि ख्याति ने अपनी मर्जी से जहर खाया, या माता-पिता की हालत देखकर घबराहट में ऐसा कदम उठाया? पुलिस इस एंगल की भी बारीकी से जांच कर रही है। क्योंकि उसने खुद चाची को कॉल कर बुलाया था, जिससे यह भी सवाल उठता है कि क्या वह पहले से इस योजना में शामिल थी?

फ्लैट में कोई जबरन प्रवेश नहीं—फॉरेंसिक टीम जुटा रही सुराग

फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए हैं। फ्लैट को सील कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फ्लैट में किसी जबरन घुसपैठ का कोई संकेत नहीं मिला है। न ही कोई सामान गायब हुआ है। तीनों के मोबाइल फोनों को जब्त कर फोरेंसिक लैब भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं आत्महत्या से पहले किसी के साथ कोई चैट या कॉल तो नहीं हुई थी।

पड़ोसियों और रिश्तेदारों की आंखें नम, सवाल बेहिसाब

पड़ोसियों ने बताया कि शोभित और उनका परिवार मिलनसार था, किसी प्रकार के घरेलू कलह के संकेत नहीं मिले थे। उनका जीवन सामान्य प्रतीत होता था। लेकिन अंदर ही अंदर वे कितने परेशान थे, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।

डीसीपी की पुष्टि: हर एंगल से जांच जारी

डीसीपी पश्चिमी क्षेत्र विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह मामला सामूहिक आत्महत्या का लग रहा है। सुसाइड नोट में कर्ज का उल्लेख है। लेकिन हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं—आर्थिक दबाव, पारिवारिक तनाव या किसी और बाहरी कारण को भी नकारा नहीं जा सकता।”