Moharram processions in Lucknow: लखनऊ में मोहर्रम के जुलूस में एक हिंदू धर्मगुरु, स्वामी सारंग, ने चाकुओं से मातम मनाकर सबको चौंका दिया। उन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को मानवता की मिसाल बताया और भाईचारे का संदेश दिया।

Lucknow Moharram Swami Sarang Matamr: मोहर्रम और लखनऊ की गलियों में मातम, यह एक अटूट रिश्ता है। लेकिन इस बार लखनऊ में रविवार को 10वीं मोहर्रम के जुलूस में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। एक हिंदू धर्मगुरु को चाकुओं से मातम मनाते देख लोग हैरान रह गए। हिंदू धर्मगुरु स्वामी सारंग ने चाकुओं से मातम मनाकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया। उन्होंने इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया।

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स्वामी सारंग ने न सिर्फ मातम में हिस्सा लिया, बल्कि इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल बताया। सारंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में लखनऊ में मोहर्रम के जुलूस में स्वामी सारंग ने चाकुओं से मातम मनाकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को खुलकर याद किया। उन्होंने कहा कि हुसैन का रास्ता इंसानियत और कुर्बानी का रास्ता है। एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए धर्मगुरु ने सभी धर्मों से एक-दूसरे के करीब आने की अपील की। स्वामी सारंग ने कहा, "हुसैन सिर्फ़ मुसलमानों के नहीं बल्कि पूरी मानवता के हैं।"

कौन हैं स्वामी सारंग?

स्वामी सारंग ने IIM अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त की है। वे कई सालों से लखनऊ में रह रहे हैं और शांति समितियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। धार्मिक सद्भाव और सामाजिक भाईचारे के लिए उनके योगदान को कई बार स्थानीय मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।

स्वामी नारंग ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट भी शेयर की है जिसमें उन्होंने लिखा है, आज 10वीं मोहर्रम है... कई लोग इसे धार्मिक शोक कहते हैं, लेकिन आज मेरी आंखों ने इसे मानवता के महाकाव्य के रूप में देखा। यह सिर्फ़ हुसैन की कर्बला नहीं थी। यह हर उस व्यक्ति की कहानी है जो सत्ता के अत्याचार के सामने अपना सिर झुकाने से इनकार करता है। और इसलिए, यह सिर्फ़ एक मुस्लिम तिथि नहीं बल्कि एक शाश्वत चेतना है... पोस्ट के अंत में स्वामी सारंग ने लिखा जय श्री राम | जय भारत | जय करुणा।