मैनपुरी जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उसमें वह एक प्रोग्राम को संबोधित कर रही हैं और चंदा न मिलने पर मौजूद लोगों को खरी-खोटी सुनाती दिख रही हैं।

लखनऊ। मैनपुरी जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उसमें वह एक प्रोग्राम को संबोधित कर रही हैं और चंदा न मिलने पर मौजूद लोगों को खरी-खोटी सुनाती दिख रही हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर डीजी जेल एसएन साबत ने मामले की जांच सहारनपुर की वरिष्ठ जेल अधीक्षिका अमिता दुबे को सौंपी है और उनकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की बात कही है।

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बताया जा रहा है कि जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी जिस प्रोग्राम को संबोधित कर रही हैं। वह संविधान निर्माता डा. भीमराव आम्बेडकर के जन्मदिवस के कार्यक्रम से जुड़ा है। वह कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर असंतुष्ट दिख रही हैं और मौजूद लोगों को नसीहत दे रही हैं। इस दौरान उन्होंने अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो डीजी जेल ने इसका संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए हैं।

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वीडिया में क्या बोलीं जेल अधीक्षिका?

वीडियों में कोमल मंगलानी यह कहती हुई दिख रही हैं कि इस प्रोग्राम में लोगों ने कम इंटरेस्ट लिया है। इसलिए इसकी तैयारियां उतनी उम्दा नही हैं, जितनी पिछली बार थीं। वह कह रही हैं कि आप लोगों ने सहयोग नहीं किया। यह जेल लाइन है, बहुत ही छोटा सा परिवार है और अगर आप और हम लोग ही मिलकर इसमें सहयोग नही देंगे तो कौन देगा। यह बहुत ही शर्म की बात है।

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100-200 रुपये भी नहीं देने के लिए नहीं

आगे वह कहती हैं कि आप सबको शर्म आनी चाहिए कि आप लोगों के लिए उन लोगों ने इतना काम किया। हमारे लिए इतना काम किया। संविधान के लिए इतना काम किया। आज उनका जन्मदिवस मना रहे हैं, लेकिन आप लोगों के पास 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये भी नहीं देने के लिए नहीं है। यह बहुत बहुत खराब बात है। मुझे यह पता चला कि घर घर जाकर आप लोगों से पैसा मांगा जा रहा है, लेकिन आप लोगों के अंदर इतनी तमीज नहीं है कि आप इन लोगों का सहयोग करें।

...इंटरेस्ट नहीं, चाहते हैं मुफ्त में खाना मिल जाए

उन्होंने यह भी कहा कि 50-100 रुपये तो आप बंदी को थप्पड़ मार कर ले लेते हैं। उसके बाद भी आप लोगों का जो एटीट्यूड है...मैंने जितना लास्ट टाइम इस फंक्शन को इंज्वाय किया था। उतना ही बुरा ​फील कर रही हूॅं, यहां पर आकर। मैं देख रही हूॅं कि सब चीजें अव्यवस्थित हैं। कोई 4-5 लोग मिलकर कितना कर लेंगे। जब....(उसी बीच वह बोलती हैं कि कौन बात कर रहा है) वीडियो में वह अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल करती हुई दिख रही हैं। कहती सुनी जा रही हैं कि अपनी खुशी के लिए नहीं आई हूॅं। स्पेशली आई हूॅं, क्योंकि यहां उपस्थित होना था। कुछ ही लोग मिलकर प्रोग्राम करते हैं बाकि लोगों को कोई इंटरेस्ट नहीं हैं। आते हैं और चाहते हैं कि मुफ्त का खाना मिले।