माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद भारी संख्या में फोन नंबर अचानक बंद हो गए हैं। पुलिस इन नंबरों की पड़ताल उमेश पाल हत्याकांड के बाद से कर रही थी।

प्रयागराज: अतीक और अशरफ की हत्या के बाद तकरीबन 800 फोन नंबर बंद होने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस की टीम लगातार उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक के गिरोह पर नजर रख रही थी। इसी कड़ी में जैसे ही अतीक और अशरफ की हत्या हुई उसके बाद तकरीबन 800 फोन नंबर अचानक ही बंद हो गए। पुलिस अब पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन फोन नंबर्स का इस्तेमाल किन लोगों के द्वारा किया जा रहा था।

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पुलिस लगातार रख रही थी गिरोह पर नजर

गौरतलब है कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से जुड़ा गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था। यूपी ही नहीं महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में उसके सहयोगी थे। वहां अतीक का जमीन से जुड़ा हुआ कारोबार भी चलता था और उसके तमाम पार्टनर थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद आरोपियों की तलाश और अतीक के गैंग पर नजर रखने के लिए पुलिस ने कई नंबरों की पड़ताल शुरू की थी। इसी को लेकर हजारों की संख्या में फोन नंबर सर्विलांस पर भी लगाए गए थे। हालांकि जैसे ही अतीक और अशरफ की हत्या हुई तो उसके बाद से तकरीबन 800 फोन नंबर बंद आ रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में फोन नंबर के अचानक बंद होने के बाद पुलिस भी पड़ताल में लग गई है।

अतीक के बुरे दिन शुरू होते ही करीबी करने लगे थे किनारा

आपको बता दें कि पुलिस सूत्रों की ओर से यह भी दावा किया गया था कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से कई करीबी माफिया अतीक और उसके गिरोह के लोगों का फोन तक नहीं उठा रहे थे। जैसे-जैसे अतीक की मुश्किलें बढ़ रही थी तो उसके करीबी भी उससे लगातार किनारा करते जा रहे थे। इसी कड़ी में अब एक और बात सामने आई है। जिसमें बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर के बंद होने का दावा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अतीक और उससे जुड़े लोग उसकी मौत के बाद से इन नंबरों को बंद कर चुके हैं। इसी के चलते पुलिस को भी अब इन लोगों की कुंडली खंगालने में मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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