उत्तर प्रदेश के आगरा में एक चमत्कारिक घटना देखने को मिली है। जहां बीजेपी नेता महेश बघेल मरने के आधे घंटे बाद जिंदा हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर चुके थे। लेकिन अंतिम संस्कार के वक्त उनकी  सांसे चलने लगीं। वह अभी तक ठीक हैं।

आगरा (उत्तर प्रदेश). मौत होने के बाद कोई जिंदा नहीं होता है, चाहे कितना बड़ा डॉक्टर हो या फिर कितना है पैसे वाला...लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा से एक चौंकाने वाला मामला देखने को मिला। जहां एक बीजेपी नेता मरने के आधे घंटे बाद जीवित हो गए। जैसे ही उनको अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, उनकी सांसे चलने लगीं। जबिक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर चुके थे। लेकिन जैसे ही डॉक्टरों को यह पता चला तो वह भी हैरान रह गए। फिलहाल अब वो ठीक हैं...सांसे चल रही हैं।

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श्रद्धांजलि देने दूर-दूर से पहुंच चुके थे लोग

दरअसल, यह चमत्कार आगरा बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश बघेल के साथ हुआ है। कुछ दिन पहले उनको तबीयत खराब होने के बाद एक अस्पताल में ले जाया गया था। लेकिन डॉक्टरों के इलाज के बाद भी वह ठीक नहीं हो सके और हालत बिगड़ती चल गई। अंत में उनका निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन उन्हें घर लेकर आ गए। महेश बघेल के निधन की खबर सोशल मीडिया पर फैल गई, जिसके बाद लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। रिश्तेदार और पार्टी के कार्यकर्ता उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे।

अंतिम संस्कार से पहले महेश बघेल ने खोली आंख

परिवार और पड़ोस के लोग महेश बघेल के अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से जमा हुआ थे। लेकिन अचानक से बघेल के शरीर में हलचल हुई और उन्होंने अपनी आंख खोली। रोते-बिलखते परिजन यह देख हैरान रह गए। आनन-फानन में उन्हें लेकर न्यू आगरा स्थित एक अस्पताल में ले गए, जहां पर उन्हें एडमिट किया गया। फिलहाल उनका इलाज किया जा रहा है।

बिलखते परिवार में अचानक से दौड़ी खुशी की लहर

बघेल के बेटे अभिषेक ने बताया कि पिता जी आगरा के पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती थे, उनमें कोई सुधार नहीं हो रहा था। फिर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हम उनको लेकर घर आ गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने में जुट गए। लेकिन अचानक से ऐसा क्या चमत्कार हुआ कि पापा जैसे ही घर पहुंचे तो उनको चेतना आ गई। पूरा परिवार बिलख-बिलखकर रो रहा था, जब उनके शरीर में हरकत हुई तो खुशी की लहर दौड गई। वह एक निजी अस्पताल में भर्ती है उनकी सेहत में लाभ हो रहा है। पहले से वह अब बेहतर महसूस कर रहे हैं।

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