सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 15 साल पुराने मामले में 2-2 साल की सजा सुनाई थी। बता दें कि वर्ष 2008 में छजलैट बवाल किए जाने के पर आजम खां समेत 9 सपा नेताओं पर केस दर्ज किया गया था।

मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बता दें कि 15 साल पुराने छजलैट बवाल में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी मानते हुए दोनों को 2-2 साल की सजा सुनाई है। वहीं सपा के दो विधायकों समेत 7 लोगों को कोर्ट ने इस मामले में बरी कर दिया है। अब्दुल्ला आजम को 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनकी स्वार विधायकी जाना भी तय है। बता दें कि कोर्ट ने आजम और अब्दुल्ला की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वहीं सजा पर अपील दाखिल किए जाने के लिए 1 महीने का समय दिया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

साढ़े 3 साल से चल रही थी सुनवाई

बसपा सरकार में दर्ज हुए 15 साल पुराने केस का बीते सोमवार को फैसला हुआ। कोर्ट ने बवाल करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी माना। मामले की सुनवाई में पुलिस समेत 8 लोगों ने गवाही दी। वहीं कोर्ट ने इस मामले में अमरोहा विधायक महबूब अली व नगीना से मनोज पारस के अलावा विधायक नईमुल हुसन, हाजी इकराम कुरैशी, डीपी यादव, राजेश यादव और राजकुमार प्रजापति को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सपाइयों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि एमपी-एमएलए कोर्ट में साढ़े 3 साल से मामले की सुनवाई चल रही थी। पुलिस के द्वारा मामले पर 8 गवाह पेश किए गए थे।

छजलैट मामले में आजम समेत 9 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

वहीं सपा नेताओं के बचाव में अलग-अलग अधिवक्ता मामले की पैरवी कर रहे थे। विशेष लोक अभियोजन मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि बुधवार को मामले में दोनों पक्षों की तरफ से बहस पूरी कर ली गई थी। जिसके बाद एमपी-एमएलए कोर्ट एसीजेएम-4 स्मिता गोस्वामी ने दोनों को दोषी करार दिया। आपको बता दें कि कि छजलैट में 2 जनवरी 2008 को बवाल हुआ था। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता आजम खां और अन्य नेता वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। वहीं छजलैट पुलिस ने जब उनके वाहनों की चेकिंग करनी चाही तो सपा नेताओं ने भड़कते हुए बवाल करना शुरू कर दिया। आरोप है कि सपा नेताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हाइवे को जाम कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने आजम समेत 9 सपा नेताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था।

कानपुर अग्निकांड: अफसरों के सामने जिंदा जली मां-बेटी, हंगामे के बीच लेखपाल पर भी हुआ हमला, परिजनों ने शुरू किया धरना