Noida Authority के उप-महाप्रबंधक और BJP नेता के बेटे आशीष भाटी की डेंगू से मौत। 18 साल सेवा, विकास परियोजनाओं में योगदान और दिल्ली-नोएडा में बढ़ते डेंगू मामलों का सच।

Noida Dengue Cases: नोएडा में भारतीय जनता पार्टी के नेता हरिश्चंद्र भाटी के बेटे और नोएडा अथॉरिटी के उप-महाप्रबंधक आशीष भाटी का निधन डेंगू के कारण हो गया। 48 साल के आशीष भाटी पिछले 18 सालों से नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत थे और उन्हें अपने सहकर्मी एक समर्पित अधिकारी के रूप में याद करते हैं। उन्होंने कई विकास परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया और किसानों की समस्याओं के समाधान में भी मदद की।

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डेंगू से कैसे हुई मौत?

आशीष को 30 सितंबर को वायरल फीवर हुआ। 3 अक्टूबर तक उनकी हालत बिगड़ी और बुखार 104°F तक पहुँच गया। परिवार ने उन्हें नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। 4 अक्टूबर को उनकी हालत और गंभीर हुई और डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर किया। उनके शरीर में डेंगू के लक्षण पाए गए, प्लेटलेट्स गिर गए और गुर्दे ठीक से काम नहीं कर रहे थे। 5 अक्टूबर को उन्हें वेंटिलेटर और डायलिसिस पर रखा गया। 7 अक्टूबर की सुबह लगभग 3 बजे उनका निधन हो गया।

आशीष भाटी का शिक्षा और करियर

आशीष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सिंधिया स्कूल से पूरी की और बाद में नोएडा के एमिटी स्कूल में पढ़ाई की। उन्होंने लंदन से MBA की डिग्री हासिल की और 18 सालों तक नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत रहे। उनके सहकर्मी उन्हें एक मेहनती और समर्पित अधिकारी के रूप में याद करते हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में नेतृत्व की भूमिका निभाई और 2020 में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसानों की लंबित मांगों को हल करने में भी मदद की।

परिवार और अंतिम संस्कार

आशीष अपने परिवार के साथ नोएडा के सेक्टर 61 में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। उनका अंतिम संस्कार ग्रेटर नोएडा के भाटी कृषि फार्म में हुआ। इस दौरान कई बड़े नेता और कार्यकर्ता, जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर और अन्य शामिल हुए।

डेंगू का खतरा: दिल्ली-नोएडा में स्थिति

दिल्ली में 6 अक्टूबर तक 840 डेंगू केस, जबकि नोएडा में 430 मामले दर्ज हुए। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अन्य जिलों में किसी की मौत नहीं हुई। डेंगू के मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। आशीष भाटी की मौत ना सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि नोएडा प्राधिकरण और स्थानीय राजनीतिक हलकों के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उनके योगदान और समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच यह घटना सभी के लिए चेतावनी बन गई है।