योगी कैबिनेट ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। साथ ही लोहिया संस्थान में 1010 बेड के मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर और नए टीचिंग ब्लॉक निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 12 प्रस्ताव पेश किए गए और सभी को स्वीकृति मिल गई। इनमें सबसे अहम फैसला त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के निर्धारण के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी देना रहा। सरकार के इस निर्णय के बाद पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की प्रक्रिया नए सिरे से तय की जाएगी।

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पंचायत चुनाव OBC आरक्षण के लिए होगा समकालीन सर्वे और अध्ययन

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह आयोग गठित किया जा रहा है। आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की सामाजिक, राजनीतिक और जनसंख्या संबंधी स्थिति का समकालीन एवं अनुभवजन्य अध्ययन करेगा।

आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी, प्रतिनिधित्व और उनकी वास्तविक स्थिति का आंकलन करेगा। इसके बाद निकायवार आनुपातिक आरक्षण को लेकर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।

पंचायतों में OBC आरक्षण 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा

वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 और उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के तहत पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल सीटों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। यदि अद्यतन जनसंख्या आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो आयोग सर्वेक्षण के जरिए आंकड़े जुटा सकेगा।

आयोग ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत स्तर पर ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय करने हेतु विस्तृत अध्ययन करेगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगामी पंचायत चुनावों के लिए अंतिम आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।

आयोग में होंगे पांच सदस्य, रिटायर्ड हाईकोर्ट जज होंगे अध्यक्ष

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार आयोग में कुल पांच सदस्य शामिल होंगे, जिन्हें राज्य सरकार नामित करेगी। आयोग का अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को बनाया जाएगा। सरकार ने कहा कि आयोग में ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें पिछड़े वर्गों से जुड़े विषयों का अच्छा अनुभव और ज्ञान हो। आयोग का कार्यकाल सामान्य रूप से छह महीने का रहेगा।

संविधान और कानून के तहत मिलेगा पंचायतों में आरक्षण

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 243-घ और संबंधित अधिनियमों के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों को पंचायतों में आरक्षण देने का प्रावधान पहले से मौजूद है। अब आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।

लोहिया संस्थान में बनेगा 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर

कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी परियोजना को भी मंजूरी दी गई। डॉ. Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences के नए परिसर, शहीद पथ स्थित गोमती नगर विस्तार सेक्टर-7 में 1010 बेड वाले मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, नए ओपीडी ब्लॉक और टीचिंग ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दी गई।

855 करोड़ रुपये की परियोजना से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 855 करोड़ 4 लाख 34 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इमरजेंसी सेंटर अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें 1010 बेड की व्यवस्था होगी। साथ ही मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नया ओपीडी ब्लॉक भी तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

मेडिकल छात्रों को मिलेगा आधुनिक टीचिंग ब्लॉक

परियोजना के अंतर्गत 200 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक टीचिंग ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। इससे मेडिकल छात्रों को नई तकनीकों और आधुनिक संसाधनों के साथ बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा। सरकार का मानना है कि नई स्वास्थ्य अवसंरचना विकसित होने से गंभीर मरीजों को तेजी से विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा और प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।