उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में नाग-नागिन का जोड़ा एक परिवार पर कहर बनकर टूटा है। पहले दो सगे भाइयों को डस कर उन्हें मार डाला। अब उन बच्चों के पिता को काटा गया है। सांपों का यह जोड़ा तीन दिन तक घर में रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।

प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से हैरान कर देने वाले मामले से पूरे इलाके लोग शॉक्ड हैं। यहां एक नाग-नागिन के जोड़ा एक परिवरा की जान का दुश्मन बन गया है। पहले इन नाग-नागिन ने दो सगे भाइयों को काटा और उनकी मौत हो गई। अब तीन दिन बाद बच्चों के पिता को डसा है। बताया जाता है कि दोनों बच्चों को काटने के बाद यह जोड़ा तीन दिन तक घर में ही रहा। गांव के लोगों की सूचना के बाद सफेरों से नाग-नागिन को पकड़ लिया है।

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नाग-नागिन ने परिवार में बिखेर दिया मौत का मातम

दरअसल, यह शॉकिंग मामला जिले के लालगंज कोटवा खाने इलाके के धधुआ गाजन गांव का है। जहां 20 सिंतबर को इन नाग-नागिन ने बबलू यादव के बेटे अगम यादव और 7 साल अर्णव यादव को डसा था। दोनों भाई एक साथ चारपाई पर सो रहे थे, तभी नाग-नागिन का जोड़ा आया और दोनों भाईयों पर हमला कर दिया। डसने के बाद मासूम बच्चे चीखने लगे। जब तक परिवार के लोग पहुंचे तो सांपों का जोड़ा भाग गया। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई। बच्चों की मौत से परिवार अभी उभर भी नहीं पाया था कि अब सांपों के जोड़े ने बच्चों के पिता यानि बबलू यावद को 20 सितंबर को डस लिया। पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है।

परिवार पर कहर बनकर टूटा नाग-नागिन का जोड़ा

बता दें कि यह नाग-नागिन का जोड़ा पूरे परिवार पर कहर बनकर टूटा है। आसपास के कई गांवों में इस घटना की चर्चा हो रही है, तो वहीं गांव के लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने घटना के बाद नाग-नागिनों को पकड़ने के लिए आसपास के सपेरों को बुलाया, लेकिन कोई उनको पकड़ नहीं सका। फिर कानपुर के एक्सपर्ट सपेरों को बुलाया तब कहीं जाकर कड़ी मश्कक्त के बाद सपेरों ने इन दोनों सांपों को पकड़ लिया है। बबूल को जैसे ही सांप ने काटा तो वह बेहोश हो गया था। लेकिन होश आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिर उनकी हालत सीरियस बनी हुई है। बताया जाता है कि सांप के काटने से जब दो बच्चों को मौत हो गई थी तो एसडीएम पिता को सरकारी सहायता करने के लिए 8 लाख रूपए का चेक लेकर देने पहुंचे थे। लेकिन पिता ने सरकारी मदद लेने से इंकार कर दिया था।