प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जाने, ठहरने, खाने-पीने और घूमने की पूरी जानकारी। कैसे पहुंचें, कहां रुकें, क्या खाएं, और किन जगहों पर जाएं, सब कुछ यहां जानें!

Travel Guide Map Mahakumbh : प्रयागराज महाकुंभ 2025 में शामिल होने का सपना देख रहे श्रद्धालुओं के लिए हम लेकर आए हैं एक खास गाइड। क्या आप सोच रहे हैं कि महाकुंभ तक कैसे पहुंचें? कहां रुकें, कहां खाएं और सबसे खास बात, किस तरह की तैयारी से महाकुंभ को यादगार बनाएं? अगर हां, तो इस पूरी गाइड को ध्यान से पढ़ें। हम आपको बताएंगे हर वो जरूरी जानकारी, जो आपको कुंभ में पहुंचने और वहां हर कदम पर मदद करेगी। तो बिना समय गवाएं, आइए जानते हैं महाकुंभ में जाने, रुकने और खाने-पीने के बारे में सब कुछ…

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कैसे आएं महाकुंभ के लिए प्रयागराज?

महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज पहुंचने के कई रास्ते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु इस बार संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचने का अनुमान है। यात्रा के लिए प्रमुख रास्तों में जौनपुर, रीवा, बांदा, वाराणसी, कानपुर, मिर्जापुर, लखनऊ और प्रतापगढ़ शामिल हैं।

बसों और निजी वाहनों के लिए प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स तय किए गए हैं, जहां से वाहन 10 किलोमीटर पहले रुकेंगे। वहीं, रेलवे के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग-अलग रास्ते और मार्ग तय किए गए हैं। प्रयागराज जंक्शन से कुंभ क्षेत्र तक पहुंचने के लिए आपको लगभग 24,000 कदम पैदल चलने होंगे!

प्रयागराज में कहां रुके?

महाकुंभ के दौरान रुकने के लिए 10 लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, जिसमें फ्री और पेड दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। अगर आप लग्जरी अनुभव चाहते हैं तो संगम के किनारे डोम सिटी में रुक सकते हैं, जहां की दरें ₹80,000 से ₹1,25,000 प्रति दिन तक हो सकती हैं।

वहीं, अगर आप सस्ते विकल्प की तलाश में हैं तो 2,000 टेंट सिटी में रुक सकते हैं, जहां ₹3,000 से ₹30,000 तक का खर्च आएगा। इसके अलावा, पूरे शहर में 42 लग्जरी होटल और 204 गेस्ट हाउस हैं, जिनकी जानकारी आप उनकी वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

संगम के पास 3,000 बेड वाले रैन बसेरे भी बनाए गए हैं, जहां ठहरने की व्यवस्था की गई है।

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प्रयागराज में कहां खाएं?

प्रयागराज महाकुंभ में खाने-पीने के लिए कई स्वादिष्ट विकल्प हैं। यहां की कुछ खास दुकानें हैं जो आपको अवश्य जाना चाहिए:

  • देहाती रसगुल्ला: बैरहना में 30 साल पुरानी इस दुकान पर आप स्वादिष्ट रसगुल्लों का आनंद ले सकते हैं।
  • नेतराम कचौड़ी: कटरा में स्थित यह दुकान 168 साल पुरानी है और यहां कचौड़ी के लिए विशेष पहचान है।
  • कल्लू कचौड़ी: मुट्ठीगंज में स्थित इस दुकान पर सुबह से ही भीड़ लगी रहती है।
  • हरी एंड संस: चौक में स्थित इस दुकान पर नमकीन और खस्ता दमालू का जायका लाजवाब है।
  • जायसवाल डोसा: मेडिकल चौराहे पर स्थित इस दुकान पर दक्षिण भारतीय खाना जैसे डोसा, इडली और वडा बहुत लोकप्रिय हैं।

महाकुंभ में कहां घूमें?

महाकुंभ के दौरान संगम के अलावा कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान हैं, जहां आप जरूर जा सकते हैं:

  • लेटे हनुमान मंदिर: संगम से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर यह मंदिर हनुमान जी के लेटे रूप के लिए प्रसिद्ध है।
  • श्री अक्षयवट मंदिर: यह मंदिर संगम के पास स्थित अकबर के किले में है और त्रेतायुग से जुड़ी मान्यता है।
  • मनकामेश्वर मंदिर: यह मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित है, जहां शिव, गणेश और हनुमान जी की मूर्तियां हैं।
  • चंद्रशेखर आजाद पार्क: यह पार्क शहर के बीच स्थित है और शहीद चंद्रशेखर आजाद की याद में बनवाया गया है।
  • स्वराज भवन: यह कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में प्रसिद्ध है और अब एक संग्रहालय में बदल चुका है।

महाकुंभ ऐप और गूगल मैप की मदद लें

महाकुंभ 2025 ने अपनी आधिकारिक ऐप “Maha Kumbh Mela 2025” लॉन्च की है, जिसमें आप कुंभ से जुड़ी सभी जानकारी और कुंभ मेले का पूरा मैप देख सकते हैं। गूगल मैप के जरिए भी आप हर रास्ते, घाट और मंदिर की लोकेशन आसानी से जान सकते हैं।

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