ayodhya ram mandir construction: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण अंतिम चरण में है। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियाँ जल्द ही स्थापित होंगी। 3 जून से प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान शुरू होंगे।

Ram Mandir prana pratishtha: सदियों की तपस्या, संघर्ष और प्रतीक्षा अब चरम पर है। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। हर ईंट, हर शिल्प अब साक्षी बन रहा है उस ऐतिहासिक क्षण का, जब भगवान श्रीराम का दिव्य दरबार अपने भव्य रूप में भक्तों के समक्ष प्रकट होगा।

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आज का दिन बेहद खास है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी है कि भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियां कभी भी मंदिर परिसर में पहुंच सकती हैं। ये प्रतिमाएं मुख्य मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित की जाएंगी और यहीं से शुरू होगी अयोध्या के पुनर्जागरण की वह गाथा, जिसका इंतज़ार पूरे देश ने किया है।

3 जून से आरंभ होंगे प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान

मंदिर निर्माण के अंतिम चरण में सबसे महत्वपूर्ण चरण है – प्राण प्रतिष्ठा। यह धार्मिक अनुष्ठान 3 जून से शुरू होंगे और 5 जून को संपन्न होंगे। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इससे पहले मुख्य मंदिर के सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

मंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिर खंड का निर्माण पूरा हो चुका है। यहां पर वेदों और उपनिषदों के ज्ञाता ऋषि-मुनियों की मूर्तियां स्थापित की जा चुकी हैं। यही नहीं, मुख्य मंदिर के केंद्र में मौजूद जल संचय कुंड पुष्करणी का निर्माण भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

11 नंबर गेट अगस्त तक होगा पूर्ण, नए द्वारों पर कार्य तेज़

चार प्रमुख द्वारों में से उत्तरी दिशा का द्वार जो पहले मई तक बनना था, अब 30 जून तक पूरा होगा। वहीं, अगस्त के अंत तक 11 नंबर द्वार तैयार हो जाएगा और उसके बाद 3 नंबर गेट पर काम शुरू होगा।

मुख्य मंदिर के अलावा परकोटा और शेषावतार मंदिर जैसे निर्माण कार्य भी तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे। संभावना है कि सितंबर से अक्टूबर के बीच इन सभी कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा।

राम धाम को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

भक्तों और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑडिटोरियम, अतिथि गृह और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निर्माण भी तेज़ी से चल रहा है। नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, 2020 में जो मास्टर प्लान तैयार किया गया था, उसके सभी चरण 2025 तक पूरे हो जाएंगे।

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