Shahi Jama Masjid dispute: संभल जामा मस्जिद हिंसा में एक और मुख्य आरोपी हब्बू उर्फ हसीब गिरफ्तार। CCTV फुटेज में पत्थरबाजी और आगजनी करते देखा गया। अब तक 84 उपद्रवी जेल भेजे गए।

Sambhal mosque violence: "जिस भीड़ ने पुलिस पर बरसाए थे पत्थर, अब उसी भीड़ के चेहरे सामने आ रहे हैं..." संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर हुए विवाद और हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हब्बू उर्फ हसीब को नखासा थाना पुलिस ने सटीक पहचान और वीडियो फुटेज के आधार पर धर दबोचा। इस गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 84 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं।

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कैमरे ने खोली साजिश की परतें

जांच में सामने आया है कि हब्बू की पूरी करतूत CCTV और घटनास्थल पर मौजूद वीडियोज में रिकॉर्ड हुई थी। वह न सिर्फ पत्थरबाजी में शामिल था, बल्कि पुलिस की मोटरसाइकिलों में आग लगाते हुए भी देखा गया है। उसकी पहचान होने के बाद पुलिस ने कानूनी कार्यवाही कर उसे जेल भेज दिया।

पुलिस पूछताछ में हब्बू ने कुबूल किया कि उसने मस्जिद सर्वे की खबर फैलते ही हिंदूपुरा खेड़ा, पक्का बाग और नखासा चौराहे पर जाकर लोगों को "धर्म के नाम पर" उकसाया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग जुटे और पथराव व फायरिंग शुरू कर दी गई।

अब तक 84 आरोपी सलाखों के पीछे

संभल हिंसा मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इससे पहले दो हत्या के आरोपी, तीन महिलाएं और मस्जिद सदर समेत 83 अन्य उपद्रवियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की टीमें सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, फोटो-वीडियो विश्लेषण और मोबाइल डेटा के जरिए बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

24 नवंबर को संभल में दूसरी बार मस्जिद का सर्वे कराया जा रहा था। इससे पहले 19 नवंबर को हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि शाही जामा मस्जिद असल में श्री हरिहर मंदिर है। पहली सर्वे प्रक्रिया 19 नवंबर की शाम को पूरी हुई। लेकिन दूसरी सर्वे प्रक्रिया के दिन भारी भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी।

पुलिस का स्पष्ट संदेश,उपद्रवियों को नहीं मिलेगी राहत

संभल पुलिस ने दोहराया है कि इस पूरे प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और चश्मदीदों के बयान के आधार पर आगे की गिरफ्तारियां भी जल्द होंगी।

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