योगी सरकार ने अनुपूरक बजट 2025-26 में पीएम सूर्य घर योजना के लिए ₹500 करोड़ की राज्य सब्सिडी मंजूर की है। इससे सोलर रूफटॉप स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और लाखों परिवारों को सस्ती व स्वच्छ बिजली का लाभ मिलेगा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना को और गति देने का निर्णय लिया है। विधानसभा में पेश किए गए अनुपूरक बजट 2025-26 में इस योजना के तहत राज्य सब्सिडी के लिए ₹500 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इस राशि से लाभार्थियों को राज्य सब्सिडी शीघ्र और सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

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लाभार्थियों को समय पर मिलेगा योजना का पूरा लाभ

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ने वाले आम नागरिकों को बिना किसी देरी के योजना का पूरा लाभ मिले। राज्य सब्सिडी मिलने से सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने में लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी और सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहन बढ़ेगा।

सौर ऊर्जा के उपयोग को मिलेगी नई गति

इस बजटीय फैसले से न केवल प्रदेश में सोलर प्लांट स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नवीनीकृत ऊर्जा के उपयोग में भी तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ाने के साथ-साथ बिजली खर्च कम करने में भी सहायक होगा।

पीएम सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में यूपी अग्रणी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के तहत अब तक प्रदेश में कुल 10,09,567 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3,14,376 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।

लाखों परिवारों को मिला सीधा लाभ

पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से अब तक 3,17,690 परिवारों को लाभ मिल चुका है। इससे प्रदेश में स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है और लोगों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है।

1,083 मेगावाट से अधिक सोलर क्षमता का सृजन

योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 1,083.63 मेगावाट सोलर इंस्टॉलेशन क्षमता विकसित की जा चुकी है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार की ओर से ₹2,188.79 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी जारी की गई है।

केंद्र और राज्य सरकार का साझा सहयोग

राज्य सरकार ने भी अब तक लगभग ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी प्रदान की है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी लाने में सफल रही है।