स्वामी प्रसाद मौर्य ने बिना नाम लिए महंत राजू दास पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिर तन से जुदा करने की सुपारी देने की क्या आवश्यकता थी। आप श्राप भी दे सकते थे। 21 लाख रुपए भी बचता और असली चेहरा न बेनकाब होता।

लखनऊ: रामचरितमानस की चौपाईयों पर टिप्पणी को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने महंत राजूदास पर बिना नाम लिए पलटवार किया है। महंत राजू दास की ओर से स्वामी प्रसाद मौर्य का सिर काटने वाले को 21 लाख रुपए का इनाम देने की बात कही गई है। इसी पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है।

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'श्राप देकर भी भस्म कर सकते थे'

स्वामी प्रसाद के द्वारा ट्वीट कर लिखा गया कि, हर असंभव काम को संभव करने की नौटंकी करने वाले धाम के बाबा की धूम मची है। आप कैसे बाबा है जो सबसे सशक्त पीठ के महंत होने के बावजूद सिर तन से जुदा करने की सुपारी दे रहे हैं। श्राप भी तो दे सकते थे। 21 लाख रुपए बच जाता और असली चेहरा भी बेनकाब न होता। वहीं इस बीच स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी मामले में पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह का बयान भी सामने आया। उन्होंने अपने फेसबुक पर स्वामी प्रसाद मौर्य की बात का समर्थन करते हुए लिखा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर अभिजात्य वर्ग की प्रतिक्रिया ठीक नहीं है। मौर्य ने रामचरितमानस का अपमान नहीं किया है। इसके कुछ अंशों पर आपत्ति जताई है और उन्हें इसका अधिकार है। ज्ञात हो कि सुलखान सिंह को डीजीपी रहते हुए सितंबर 2017 में तीन माह क सेवा विस्तार मिला था। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें 2019 में पुलिस आधुनिकीकरण और सुद्दढ़ीकरण आयोग का अध्यक्ष भी बनाया गया था।

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संजय निषाद ने भी साधा निशाना

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर मत्स्य मंत्री संजय निषाद का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्वामी प्रसाद को अधर्मी बताया है। सोमवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मौर्य ने रामचरितमानस ही नहीं बल्कि प्रभु श्री राम के भक्तों और मछुआरा समुदाय को लेकर भी टिप्पणी की है। वह विशेष वर्ग को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

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