आगरा में यमुना नदी में बहते हुए चार बच्चों को 18 वर्षीय मोहिनी गोस्वामी ने अपनी जान पर खेलकर बचा लिया. उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें सिर्फ़ 200 रुपये का इनाम दिया गया, जिसकी सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है.

आगरा . यमुना नदी में बहते हुए चार बच्चों को 18 वर्षीय एक युवती ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचा लिया. लेकिन इस महान कार्य के लिए उन्हें केवल 200 रुपये का इनाम मिला. 17 सितंबर को आगरा के बटेश्वर रानी घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान चार बच्चे यमुना में बहने लगे. यह देख 18 वर्षीय मोहिनी गोस्वामी ने बिना कुछ सोचे समझे सीधा यमुना में छलांग लगा दी और जान जोखिम में डालकर बच्चों को बचा लिया. उनकी इस बहादुरी को वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. साथ ही मोहिनी गोस्वामी की इस सूझबूझ और बहादुरी की खूब सराहना हुई. 

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बच्चों को बचाने वाली मोहिनी गोस्वामी बटेश्वर रानी घाट पर पूजा सामग्री बेचने का काम करती थीं. लेकिन घटना के वक्त जरा भी नहीं सोचा और सीधे उफनती यमुना में कूदकर चार बच्चों की जान बचाई. इस बारे में स्थानीय मीडिया से बात करते हुए मोहिनी ने बताया कि उन्होंने चार बच्चों को पानी में डूबते और ऊपर आने के लिए संघर्ष करते देखा. तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ी और चारों को बचा लिया. मोहिनी की इस बहादुरी के लिए बटेश्वर मंदिर के मैनेजर अजय भदौरिया, नट्टीलाल गोस्वामी पुजारी राकेश वाजपेयी ने सराहना की और उनको 200 रुपये का इनाम दिया. 

यमुना में बहते हुए चार बच्चों में से दो की पहचान फिरोजाबाद के आकाश और हिमालय के रूप में हुई है. बाकी दो बच्चे बचाए जाने के कुछ देर बाद ही वहां से भाग गए, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पाई. मंगलवार शाम 5 बजे की यह घटना है. गणेश विसर्जन के लिए आए लोगों से बटेश्वर घाट खचाखच भरा हुआ था. इसी दौरान आकाश, हिमालय और उनके दो दोस्त गणेश प्रतिमा के साथ नदी में उतरे. तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे. यह देख वहां मौजूद लोग शोर मचाने लगे. तभी अपनी दुकान पर मौजूद मोहिनी ने नदी में छलांग लगा दी और एक-एक कर चारों को बचा लिया. 

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