उन्नाव में 19 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट किया। मेटा अलर्ट से यूपी पुलिस 16 मिनट में पहुंची और युवक की जान बचाई। अब तक ऐसे अलर्ट से 1460 जिंदगियां बचाई जा चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव के थाना बिहार क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवक ने छत के पंखे में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगाने का प्रयास किया और उसका वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। यह मामला 13 अक्टूबर 2025 की रात करीब 8:35 बजे सामने आया, जब मेटा कंपनी (Instagram की पैरेंट कंपनी) ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ईमेल के जरिए अलर्ट भेजा।

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मेटा की ओर से अलर्ट मिलते ही पुलिस हुई सक्रिय

मेटा कंपनी से अलर्ट प्राप्त होने के तुरंत बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कृष्ण को जानकारी दी गई। उन्होंने तत्काल इस मामले पर तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने अलर्ट में दिए गए मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन पता की और उन्नाव पुलिस को तुरंत सूचना दी।

मात्र 16 मिनट में पुलिस पहुंची युवक के घर

सूचना मिलते ही थाना बिहार के उपनिरीक्षक अपनी टीम के साथ केवल 16 मिनट में युवक के घर पहुंच गए। जब पुलिसकर्मी युवक के कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि युवक पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगाने का प्रयास कर रहा था। घर की छत नीची होने के कारण वह पूरी तरह लटक नहीं पाया, लेकिन वह अपने गले में फंदा कसने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस ने समय रहते बचाई युवक की जान

पुलिस कर्मियों ने तुरंत युवक के गले से दुपट्टे का फंदा निकालकर उसे नीचे उतारा। कुछ देर बाद जब युवक सामान्य हुआ, तो उससे पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह एक लड़की से प्रेम करता था, लेकिन लड़की ने उससे बात करना बंद कर दिया था, जिससे वह अवसाद में चला गया। इसी मानसिक तनाव के कारण उसने आत्महत्या करने का प्रयास किया।

पुलिस की काउंसलिंग से बदला युवक का मन

स्थानीय पुलिस ने युवक से बातचीत कर उसकी काउंसलिंग की और उसे भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवक ने भरोसा दिलाया कि वह अब दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। परिजनों ने समय पर पहुंचने और बेटे की जान बचाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया।

सोशल मीडिया अलर्ट से बचाई गई 1460 जिंदगियां

उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच 2022 से विशेष समन्वय व्यवस्था चल रही है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट करता है, तो मेटा कंपनी ईमेल और फोन के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है।

1 जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2025 के बीच ऐसे मामलों में मिले अलर्ट पर कार्रवाई कर पुलिस अब तक 1460 लोगों की जान बचा चुकी है। यह व्यवस्था पुलिस की सजगता, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण है।

तकनीक और तत्परता से बढ़ा भरोसा

यह पूरा मामला दर्शाता है कि सोशल मीडिया निगरानी प्रणाली और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया किस तरह जीवनरक्षक साबित हो सकती है। उन्नाव में हुई यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर अलर्ट के माध्यम से समय रहते जान बचाने में सक्षम और प्रतिबद्ध है।

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