UP Board copy rechecking: यूपी बोर्ड 2025 के नतीजों के बाद रिकॉर्ड 31,194 छात्रों ने स्क्रूटनी के लिए आवेदन किया है। पिछले वर्षों की तुलना में यह संख्या काफी अधिक है, जो मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।

UP Board Scrutiny 2025: यूपी बोर्ड के 2025 के परीक्षा परिणामों ने हजारों छात्रों को निराश कर दिया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 31,194 छात्र-छात्राओं ने अपनी कॉपियों की दोबारा जांच (स्क्रूटनी) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार पिछले तीन सालों की तुलना में सबसे ज्यादा स्क्रूटनी आवेदन दर्ज किए गए हैं।

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इतिहास में सबसे ज्यादा स्क्रूटनी आवेदन, छात्रों का बढ़ा भरोसा या सिस्टम पर सवाल?

UPMSP के अनुसार, इस साल 2025 में स्क्रूटनी के लिए हाईस्कूल के 5,495 और इंटरमीडिएट के 25,699 छात्रों ने आवेदन किया है। यह संख्या पिछले वर्षों से अधिक है:

  • 2024 में: 29,555
  • 2023 में: 24,557

यह बढ़ती संख्या दर्शाती है कि या तो छात्र अब अपने अंकों को लेकर अधिक सजग हैं, या फिर मूल्यांकन प्रक्रिया पर उनका भरोसा कम हो रहा है।

बरेली में सबसे कम, प्रयागराज में सबसे ज्यादा आवेदन दर्ज

इस बार स्क्रूटनी के क्षेत्रीय आंकड़े भी बेहद रोचक हैं।

  • प्रयागराज में हाईस्कूल: 2,316 | इंटरमीडिएट: 10,001
  • वाराणसी में हाईस्कूल: 1,200 | इंटरमीडिएट: 6,133
  • गोरखपुर में हाईस्कूल: 583 | इंटरमीडिएट: 2,946
  • मेरठ में हाईस्कूल: 845 | इंटरमीडिएट: 4,452
  • बरेली में हाईस्कूल: 551 | इंटरमीडिएट: 2,167

बरेली क्षेत्रीय कार्यालय से इस बार सबसे कम स्क्रूटनी आवेदन प्राप्त हुए हैं।

15 जुलाई तक स्क्रूटनी रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य

बोर्ड ने सभी स्क्रूटनी प्रकरणों को 15 जुलाई 2025 तक निस्तारित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दे दिए गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद यदि किसी छात्र के अंकों में बदलाव होता है, तो नया परिणाम संबंधित छात्र के पंजीकृत पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।

छात्रों की जागरूकता या मूल्यांकन में खामी?

स्क्रूटनी के बढ़ते आंकड़े शिक्षा विशेषज्ञों के लिए एक संकेत हैं कि मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की जरूरत है। वहीं छात्रों और अभिभावकों का यह रवैया बताता है कि अब वे अपने अंकों को लेकर ज्यादा गंभीर और सजग हैं।

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