Uttar Pradesh Economic Growth: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में 2017 के बाद यूपी में आर्थिक, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हुए बदलावों का विवरण दिया। जीएसडीपी, किसान आय और उद्योग विकास में प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।

Yogi Adityanath UP development: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में सरकारी सोच और कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए हुई यह चर्चा 26 घंटे तक चली, जिसमें सदन के सभी सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।

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2017 से पहले यूपी क्यों था पिछड़ा?

मुख्यमंत्री ने बताया कि विशाल संभावनाओं के बावजूद यूपी 2017 से पहले लगातार पिछड़ता गया। योजनाएं बनती थीं, लेकिन क्रियान्वयन नहीं होता था। बिजली, सड़क, जल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए राहत और निवेशकों के लिए भरोसा नहीं था। अपराध और अराजकता का बोलबाला था। इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी ने बच्चों की जान ली और उनके परिवारों को गहरा दुख दिया।

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2017 के बाद यूपी में क्या बदला?

योगी आदित्यनाथ ने सदन को बताया कि अब यूपी में कानून का राज, अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस, उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल और निवेशकों के लिए यूपी ड्रीम डेस्टिनेशन बन गया है। जल, थल और नभ के बेहतरीन कनेक्टिविटी से प्रदेश जुड़ा है। किसानों को सीधे लाभ पहुंचा, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़े। सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और भेदभाव रहित तरीके से हो रहा है।

आर्थिक प्रगति और जीएसडीपी में लंबी छलांग

2016-17 में यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ थी, जो अब बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की राह पर है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.20 लाख रुपये होगी। यूपी का जीडीपी में योगदान बढ़कर 9.5 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। एक्सपोर्ट 84 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये हो गया है। केंद्रीय करों पर निर्भरता घटकर यूपी राजस्व में मजबूती के साथ अग्रणी बन गया है।

कृषि और अन्न उत्पादन में यूपी का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। यूपी अब देश का अन्न महाशक्ति बन चुका है। गेहूं, चावल और दलहन उत्पादन में यूपी का योगदान बढ़ा है। 2017 से अब तक चीनी मिलों की संख्या बढ़ी और 2.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया गया। आलू, केला और सब्जियों में यूपी का राष्ट्रीय योगदान महत्वपूर्ण है।

किसानों और ग्रामीणों के लिए नई पहलें

सीएम ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 2.86 करोड़ किसानों के खाते में 90 हजार करोड़ रुपये भेजे गए। पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पैनल दिए गए। 31 सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुईं, जिससे 23 लाख हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त सिंचाई का लाभ प्राप्त कर सकी। निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से 2025 के बीच हुए बदलाव यूपी को विकसित राज्य की ओर ले जा रहे हैं। अब लक्ष्य 2047 तक प्रदेश की भूमिका को मजबूत करना है। बेहतर कानून व्यवस्था, सुशासन और विकास के साथ यूपी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा।

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