UP Heavy Rain Alert August 2026: यूपी में कमजोर पड़ा मानसून फिर एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त को 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 40 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त को यूपी के 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कई जगह गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम का यह बदलाव खासतौर पर दक्षिणी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, जहां मानसून की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र ने 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक का पूर्वानुमान जारी किया है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि कई जगह गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पूर्वी यूपी में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश और अन्य स्थानों पर गरज के साथ बारिश का अनुमान है। आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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दक्षिणी यूपी में क्यों मजबूत हुआ मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। इसके साथ ही दक्षिणी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के बांग्लादेश क्षेत्र में भी ऊपरी क्षोभमंडल तक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इससे भी निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की स्थिति बनी है। इन मौसमी परिस्थितियों का असर उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में दिखाई दे रहा है और यहां मानसून की गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं।
यूपी में अब तक सामान्य से कम बारिश
बारिश के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पूरे प्रदेश में मानसून अभी भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंचा है। 7 अगस्त 2026 तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 325.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 436.7 मिमी मानी जाती है। यानी यहां बारिश सामान्य से करीब 25 फीसदी कम रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 339.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 370.3 मिमी है। इस तरह पश्चिमी यूपी में बारिश सामान्य से करीब 8 फीसदी कम रही।
हालांकि, कुछ जिलों में बारिश ने इस कमी की तस्वीर को पूरी तरह अलग कर दिया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से करीब 60 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हुई। एटा, इटावा, फिरोजाबाद और हमीरपुर में भी करीब 50 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
दूसरी ओर भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, मऊ, पीलीभीत और शामली जैसे जिलों में सामान्य से करीब 60 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। यानी यूपी में मानसून की तस्वीर इस समय बेहद असमान है। कुछ जिलों में बादल जमकर बरस रहे हैं, तो कई इलाकों में अब भी बारिश का इंतजार बना हुआ है। आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता इस अंतर को कितना कम करती है, इस पर मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान की नजर रहेगी।
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