योगी सरकार के 9 वर्षों में यूपी के किसानों की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। कर्जमाफी, MSP भुगतान, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और कृषि योजनाओं से किसानों की आय बढ़ी है और राज्य कृषि उत्पादन में देश में अग्रणी बन गया है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में किसानों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2017 से पहले जहां किसान कर्ज और आर्थिक संकट से जूझ रहा था, वहीं अब वह कर्जमुक्त होकर सम्मान के साथ उत्पादन कर रहा है। सरकार के पहले फैसलों में ही किसानों की ऋणमाफी को प्राथमिकता दी गई, जिससे 86 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिला।
कृषि विकास दर में बड़ा उछाल, यूपी बना तेजी से बढ़ने वाला राज्य
किसानों को मजबूत करने का असर कृषि विकास दर पर भी दिखाई दिया है।
- 2016-17 में कृषि विकास दर: 8.5%
- 2025-26 में बढ़कर: 18%
उत्तर प्रदेश देश की कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 11% हिस्सा रखता है, लेकिन खाद्यान्न उत्पादन में 21% योगदान देता है। यह राज्य को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाता है।
किसानों के लिए योजनाओं का विस्तार: बीमा, सब्सिडी और मुफ्त बिजली
पिछले 9 वर्षों में किसानों के लिए कई योजनाएं लागू की गईं:
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 353.14 लाख किसानों को 5660.33 करोड़ का मुआवजा
- पीएम कुसुम योजना के तहत 86,128 सोलर पंप स्थापित
- 437.68 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वितरित (2024-25 तक)
- 2025-26 में फरवरी तक 70.36 लाख नए केसीसी जारी
इसके अलावा फसली ऋण वितरण में भी लगातार वृद्धि हुई है।
एमएसपी पर खरीद और 48 घंटे में भुगतान, किसानों को बड़ी राहत
राज्य में धान, गेहूं, तिलहन, दलहन, बाजरा, मक्का सहित कई फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की जा रही है। 2025-26 में:
- 10.53 लाख किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद
- लगभग 15,000 करोड़ रुपये का भुगतान
- 48 घंटे के भीतर डीबीटी के जरिए भुगतान
इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और किसानों को समय पर पैसा मिला।
डबल इंजन सरकार का असर: जीएसडीपी और कृषि में बढ़ोतरी
2016-17 में कृषि व संबद्ध क्षेत्र का जीएसडीपी 2.96 लाख करोड़ था, जो 2024-25 में बढ़कर 6.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। राज्य की 76% भूमि कृषि कार्य में उपयोग हो रही है, जो कृषि की मजबूती को दर्शाता है।
‘लैब टू लैंड’ अभियान: किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक
2025 में पहली बार कृषि संकल्प अभियान चलाया गया, जिसमें 14,170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से सीधा संवाद किया गया। इस अभियान के तहत वैज्ञानिक सीधे खेतों तक पहुंचे और किसानों को आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई।
कम ब्याज पर लोन: लघु और सीमांत किसानों को राहत
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत अब किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक से सिर्फ 6% ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। पहले यह दर 11.50% थी, जिसे घटाकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है।
पीएम किसान सम्मान निधि: यूपी के किसानों को सबसे ज्यादा लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 22 किस्तों में उत्तर प्रदेश के किसानों को 99,003.69 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। देश के कुल लाभार्थियों में लगभग 23% किसान यूपी से हैं।
- बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों पर सरकार का फोकस
- 9 वर्षों में 556.09 लाख कुंतल बीज वितरित
- तिलहन और दलहन मिनीकिट का वितरण
- 840.97 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण
- 2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्र दिए गए
इसके अलावा 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर और 7351 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए।
सीड पार्क, टिश्यू कल्चर लैब और प्रशिक्षण केंद्र की तैयारी
- लखनऊ के अटारी में 251 करोड़ से सीड पार्क
- बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब
- पीलीभीत में बासमती बीज उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र
इनसे किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन के अवसर मिलेंगे।
दुग्ध उत्पादन में यूपी नंबर-1, पशुपालन को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है:
- 2024-25 में 388.15 लाख मीट्रिक टन उत्पादन
- कुल राष्ट्रीय उत्पादन में 16.2% योगदान
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2030 तक उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है।
गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान और उत्पादन में बढ़ोतरी
- 2017 के बाद 9 वर्षों में 3.16 लाख करोड़ का भुगतान
- गन्ने का मूल्य 300 से बढ़कर 400 रुपये प्रति कुंतल
- एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 188 करोड़ लीटर
गन्ना उत्पादन में यूपी का योगदान 57.26% है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है।
कृषि उत्पादन में यूपी देश में अव्वल
उत्तर प्रदेश गन्ना, चीनी, खाद्यान्न, आम, दूध, आलू, मटर, मेंथा, शहद और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर है। फल और सब्जी उत्पादन में भी राज्य 400 लाख टन उत्पादन के साथ पहले स्थान पर है।


