उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के पारंपरिक कलाओं और शिल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक और कदम उठाने जा रहे हैं। विश्वकर्मा जयंती के मौके पर वे कारीगरों को टूलकिट और 50,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करेंगे।

लखनऊ, 16 सितंबर। उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने के लिए प्रयासरत सीएम योगी राज्य की पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प, माटीकला व ओडीओपी के हस्तशिल्पियों व कारीगरों की प्रशस्ति की दिशा में एक और 'मील का पत्थर' रखने जा रहे हैं। मंगलवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वह विश्वकर्मा श्रम सम्मान व ओडीओपी तथा माटीकला के अंतर्गत हस्तशिल्पियों को टूलकिट प्रदान करने के साथ ही 50,000 करोड़ का ऋण वितरित करने जा रहे है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में सायं 4 बजे हो रहे इस वितरण कार्यक्रम में हस्तशिल्पियों व कारीगरों के उचित सम्मान के साथ ही प्रदेश की पारंपरिक कला के प्रश्रय देने का नया मार्ग सुनिश्चित होगा। उल्लेखनीय है सीएम योगी प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को प्रश्रय देने के साथ ही इसे उद्यमिता से जोड़कर देश विदेश में बड़े स्तर पर प्रमोट करते हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओडीओपी पॉलिसी की देशभर में चर्चा है। इससे न केवल प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को एक बड़ा मंच मिलना संभव हो सका है, बल्कि पूरी दुनिया में ओडीओपी प्रोडक्ट्स की धाक जम रही है। सीएम योगी का मौजूदा प्रयास इसी कड़ी को और मजबूत कर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रदेश के सभी हस्तशिल्पियों, कारीगरों को उचित सम्मान व प्रोत्साहन पहुंचाने का जरिया सिद्ध होने जा रहा है।

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