उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 9 वर्षों में मिशन जीरो पॉवर्टी समेत कई योजनाओं के जरिए 6 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। महिलाओं, गरीबों, दिव्यांग और अल्पसंख्यकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए गए।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के लिए कई बड़ी योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है।

इनमें 'मिशन ज़ीरो पॉवर्टी' एक अहम योजना है, जिसके जरिए राज्य सरकार ने लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सफलता पाई है। साथ ही महिला, वृद्ध, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए भी कई ठोस कदम उठाए गए हैं।

मिशन ज़ीरो पॉवर्टी: गरीबी खत्म करने की बड़ी योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2024 (गांधी जयंती) से “मिशन ज़ीरो पॉवर्टी” की शुरुआत की। इस योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में गरीब परिवारों की पहचान कर उनकी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 13.57 लाख परिवारों को चिन्हित किया जा चुका है, जिन्हें 17 सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इन परिवारों को ऐसे रोजगार से जोड़ा जाए जिससे उन्हें हर साल कम से कम ₹1.25 लाख की स्थायी आय मिल सके।

सामाजिक सुरक्षा: पेंशन में 5 गुना तक बढ़ोतरी

योगी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पेंशन योजनाओं में बड़ी बढ़ोतरी की है।

  • 2017 में ₹300 प्रतिमाह पेंशन थी, जिसे अब ₹1000 कर दिया गया है
  • अप्रैल 2026 से इसे बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह किया जाएगा

वर्तमान में 67.50 लाख वृद्धजन, 26.81 लाख निराश्रित महिलाएं और 11.57 लाख दिव्यांगजन पेंशन का लाभ ले रहे हैं। कुष्ठ रोगियों की पेंशन भी ₹2500 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह कर दी गई है।

आवास और राशन योजना: गरीबों को राहत

गरीबों को घर और भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है।

  • 9 वर्षों में 62 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त आवास मिला
  • 15 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है
  • 35 किलो खाद्यान्न
  • 1 किलो दाल/चना
  • 1 किलो नमक
  • 1 किलो रिफाइंड तेल

अंत्योदय कार्डधारकों को हर महीने 1 किलो चीनी भी मिलती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन और होली-दीवाली पर 2 मुफ्त सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

महिलाओं के लिए योजनाएं: आधी आबादी को मजबूती

महिलाओं के विकास के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं:

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से 1.05 लाख बच्चों को मदद
  • मिशन वात्सल्य से 1 लाख से ज्यादा बच्चों को परिवार से जोड़ा गया
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताओं को लाभ
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से 5.20 लाख बेटियों का विवाह

ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 9.43 लाख स्वयं सहायता समूहों से 1.06 करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है।

लखपति महिला योजना और रोजगार के अवसर

लखपति महिला योजना के तहत 35 लाख महिलाओं की पहचान की गई, जिनमें से 18.55 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।

  • 2,682 राशन दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों को दिया गया
  • 60 हजार समूहों की महिलाएं राशन वितरण कर रही हैं

महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। महिला श्रम भागीदारी 2017 के 13% से बढ़कर 36% हो गई है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण: बेहतर सुविधाएं

दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

  • 2024-25 तक 3.84 लाख और 2025-26 में 17,454 लोगों को उपकरण मिले
  • 1,679 कॉक्लियर सर्जरी और 845 बच्चों को इम्प्लांट
  • 21 विशेष स्कूल, जिनमें 16 में स्मार्ट क्लास

लखनऊ में ममता स्कूल और आजमगढ़ में विशेष विद्यालय बनाया गया है। सरकारी नौकरियों में 4% और शिक्षा में 5% आरक्षण भी दिया गया है।

पिछड़ा वर्ग और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योजनाएं

  • विवाह अनुदान योजना से 6.47 लाख लोगों को ₹1295 करोड़ सहायता
  • 1.01 लाख युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण

ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए:

  • वृद्धाश्रम की सुविधा
  • ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड का गठन
  • अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानून लागू

अल्पसंख्यक कल्याण और हज सुविधा

अल्पसंख्यक समुदाय के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। हज यात्रियों के लिए बीमा, गाइडबुक और उड़ान सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। 2017 से 2025 तक लाखों लोग हज पर गए और 2026 के लिए 17,200 आवेदन मिले हैं।

यूपी को मजबूत बना रही योजनाएं

पिछले 9 वर्षों में योगी सरकार ने गरीब, महिला, दिव्यांग, अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देकर प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।