प्रयागराज महाकुंभ में अतीक अहमद के हत्यारों को 'देवदूत' बताने वाला बैनर लगा, जिससे विवाद खड़ा हो गया। राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन ने बैनर लगाया है और हत्यारों को सम्मानित करने की घोषणा की है।

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के चर्चित अपराधी अतीक अहमद की हत्या के बाद उसकी चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। अब उसकी चर्चा प्रयागराज के महाकुंभ में भी देखने को मिल रही है, जब राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन ने पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के शिविर के सामने एक विवादित बैनर लगाया। इस बैनर में अतीक की तस्वीर और उसके तीन हत्यारों को 'देवदूत' बताते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह बैनर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और इसके बाद राजनितिक हलचल तेज़ हो गई है। जहां कुछ लोग इसे साहसिक कदम मान रहे हैं, वहीं इसे कानून-व्यवस्था के खिलाफ और गैर-जिम्मेदाराना भी बताया जा रहा है।

अतीक की हत्या करने वाले हत्यारों को 'देवदूत' क्यों कहा गया?

बैनर में न केवल अतीक अहमद का जिक्र किया गया है, बल्कि उसके तीन हत्यारों- शनी, लवलेश और अरुण को 'देवदूत' बताया गया है। पोस्टर में यह भी लिखा गया है, "अतीक का आतंक मुक्त, प्रथम प्रयागराज महाकुंभ"। राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन पांडेय ने इस बैनर को लगाया है, जो अब हर तरफ चर्चा का विषय बन चुका है। पांडेय का कहना है कि अतीक अहमद जैसे अपराधी का आतंक प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में लंबे समय से था, और उसकी हत्या करने वालों को समाज में सम्मान मिलना चाहिए।

यह भी पढ़े : महाकुंभ जाने वालों के लिए अलर्ट, बदल गया ट्रेनों का समय, जानें नई तारीखें…

विवाद और प्रशासन की चिंता

विवादित पोस्टर ने न सिर्फ महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है और सूत्रों का कहना है कि इस पोस्टर के पीछे संगठन की मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, रोशन पांडेय ने इसे अपनी व्यक्तिगत राय और संगठन की विचारधारा के तौर पर पेश किया है। इस पोस्टर में तीनों हत्यारों को सम्मानित करने का भी ऐलान किया गया है, और उनके लिए प्रमाण पत्र भी तैयार किए गए हैं।

आपको बता दें कि अतीक अहमद उत्तर प्रदेश का चर्चित डॉन था, जिस पर हत्या, किडनैपिंग, और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोप थे। जेल में उसकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से उसके समर्थकों और विरोधियों के बीच विवाद जारी है। इस विवादित पोस्टर ने अब एक बार फिर से अतीक अहमद और उसके हत्यारों को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

महाकुंभ में क्यों लगे अतीक अहमद के पोस्टर, राष्ट्रीय हिंदू दल ने किसे बताया देवदूत । Mahakumbh 2025

यह भी पढ़ें : महाकुंभ 2025 में निरंजनी अखाड़े का दिव्य प्रवेश, हजारों ने किया स्वागत