UP Telecom Growth: उत्तर प्रदेश में मोबाइल, ब्रॉडबैंड और 5G सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकारी नीतियों और निजी निवेश से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ई-गवर्नेंस सेवाओं को नई गति मिली है।
लखनऊ, 02 जनवरी। उत्तर प्रदेश में दूरसंचार क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मोबाइल, ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं का दायरा अब शहरों के साथ-साथ गांवों तक मजबूती से फैल चुका है। इसके पीछे सरकार की नीतिगत मदद और निजी निवेश की बड़ी भूमिका है। इसी वजह से प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख टेलीकॉम बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। योगी सरकार के विकास मॉडल से डिजिटल सेक्टर को नई दिशा मिल रही है।
मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2025 में देशभर में वायरलेस मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 1173.88 मिलियन हो गई। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 1171.87 मिलियन था। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व और उत्तर प्रदेश पश्चिम दोनों लाइसेंस सेवा क्षेत्रों की भागीदारी अहम रही है। उपभोक्ता गतिविधियों के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है।
यूपी पूर्व और पश्चिम में पोर्टिंग की ऊंची मांग
नवंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35 मिलियन मोबाइल नंबर पोर्टिंग अनुरोध दर्ज किए गए। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश में मोबाइल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और उपभोक्ता बेहतर नेटवर्क और सेवाओं की ओर तेजी से शिफ्ट कर रहे हैं।
5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस में यूपी की मजबूत स्थिति
फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, खासकर 5G आधारित सेवाओं में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। नवंबर 2025 के अंत तक देश में कुल 5G FWA उपभोक्ताओं की संख्या 10.41 मिलियन दर्ज की गई। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व के 0.79 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम के 0.62 मिलियन उपभोक्ता शामिल हैं। सिर्फ एक महीने में हजारों नए उपभोक्ताओं का जुड़ना सरकार की डिजिटल कनेक्टिविटी नीति की सफलता को दर्शाता है।
ग्रामीण इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुंच
दूर-दराज के गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई, टेली-मेडिसिन और डिजिटल सेवाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे डिजिटल खाई धीरे-धीरे कम हो रही है।
वायरलाइन सेवाओं में भी स्थिर ग्रोथ
वायरलाइन सेवाओं के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने स्थिर वृद्धि दर्ज की है। नवंबर 2025 के अंत तक देश में कुल वायरलाइन उपभोक्ताओं की संख्या 47.05 मिलियन रही। प्रदेश में सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और शहरी आवासीय क्षेत्रों में वायरलाइन कनेक्शन की मांग बनी हुई है।
ई-गवर्नेंस से बढ़ी सुरक्षित कनेक्टिविटी की जरूरत
योगी सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस सेवाओं को बड़े स्तर पर लागू किए जाने से भरोसेमंद और सुरक्षित कनेक्टिविटी की जरूरत बढ़ी है। इसी कारण वायरलाइन नेटवर्क को भी मजबूती मिली है और डिजिटल सरकारी सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
सक्रिय मोबाइल यूजर्स में भी यूपी आगे
सक्रिय मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। नवंबर 2025 तक देश में 1090.91 मिलियन मोबाइल उपभोक्ता सक्रिय पाए गए। ऑनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान, ई-शिक्षा और टेली-मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना विकास का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास का प्रमुख जरिया बनाया है। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार, मोबाइल टावरों की संख्या में वृद्धि और 5G तकनीक को बढ़ावा देने से उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।


