UP Monsoon Update 2025: उत्तर प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है, उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। लखनऊ समेत कई जिलों में हीट इंडेक्स असली से ज्यादा गर्मी का अहसास करा रहा है। 18 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी यूपी में बारिश की संभावना…

Monsoon Deficit in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश का मौसम इस समय लोगों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं लग रहा। बीते तीन दिनों से प्रदेश में कहीं भी अच्छी बारिश दर्ज नहीं हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 21 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। गर्मी और उमस का यह दौर लोगों को खासा परेशान कर रहा है।

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21 अगस्त तक क्यों झेलनी पड़ेगी उमस भरी गर्मी?

मौसम विभाग ने साफ किया है कि मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण की ओर खिसक गया है, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना बेहद कम हो गई है। इसी कारण लोगों को अगले चार दिनों तक तेज धूप और उमस का सामना करना होगा।

18 अगस्त को किन जिलों में बरस सकते हैं बादल?

हालांकि, 18 अगस्त को पश्चिमी यूपी के जिलों मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पूर्वी यूपी के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और जौनपुर जैसे जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं।

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लखनऊ का मौसम क्यों बढ़ा रहा परेशानी?

राजधानी लखनऊ में फिलहाल 21 अगस्त तक अच्छी बारिश की संभावना कम है। केवल छिटपुट बूंदाबांदी हो रही है, जिसने उमस और बढ़ा दी है। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है।

हीट इंडेक्स से क्यों बढ़ी आभासी गर्मी?

लोगों को असली तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है, जिसका कारण है हीट इंडेक्स। जब तापमान के साथ हवा में नमी बढ़ जाती है, तो शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता और अधिक गर्मी महसूस होती है। यही वजह है कि 35 डिग्री पर भी लोगों को 40 डिग्री जैसी तपिश झेलनी पड़ रही है।

क्या नया सिस्टम बदलेगा यूपी का मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 21 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है। ऐसे में उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बारिश की रफ्तार तेज होगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

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