उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की 'घोसी विधानसभा सीट' इस समय INDIA v/s NDA में अपनी-अपनी ताकत दिखाने का चैलेंज बनी हुई है। यहां 5 सितंबर को उपचुनाव होने जा रहे हैं। मुकाबला भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह के बीच है। 

मऊ. उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की 'घोसी विधानसभा सीट' इस समय INDIA v/s NDA में अपनी-अपनी ताकत दिखाने का चैलेंज बनी हुई है। यहां 5 सितंबर को उपचुनाव होने जा रहे हैं। मुकाबला भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह के बीच है। दारा सिंह 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़कर सपा में चले गए थे। वे सपा के टिकट पर चुनाव जीते भी, मगर 15 महीने बाद जैसे ही यूपी में योगी की फिर सरकार बनी, वे लौट आए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

Ghosi Bypoll 2023 की ताजा अपडेट और डिटेल्स, पढ़ें 12 महत्वपूर्ण पॉइंट्स

1. घोसी विधानसभा सीट पर 6 साल में चौथी बार 5 सितंबर को उप चुनाव होने जा रहा है। इससे पहले 2019 में चुनाव हुआ था।

2. घोसी उपचुनाव पर पूरे देश की नजर है। माना जा रहा है कि यह इलेक्शन लोकसभा चुनाव-2024 से पहले उत्तर प्रदेश में भाजपा और विपक्ष की ताकत का आकलन कर देगा।

3. वोटिंग से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोटरों से ग्रुप बनाकर वोटिंग करने की अपील की है। दरअसल, उन्हें डर है कि वोटरों को डराया-धमकाया जा सकता है।

4.अखिलेश ने कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और अत्याचार से पीड़ित देश की जनता को उम्मीद है कि घोसी के मतदाता भाजपा को हराकर देश को एक संदेश देंगे।

5. अखिलेश यादव ने कहा कि किसी के भी दबाव में आकर वोट न करें। अगर कोई ऐसा करता है, तो उसका वीडियो बनाकर सपा कार्यकर्ता को बताएं। अखिलेश ने कहा- याद रखें कि एक भी वोट न घटने पाए, एक भी वोट न बंटने पाए।

6. जहां तक भाजपा की बात है, 2017 से 2022 के बीच तीन चुनाव में भाजपा दो बार जीती है। इस बार सीधा मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच है।

7. कह सकते हैं कि घोसी उपचुनाव में पहली बार INDIA और NDA आमने-सामने होंगे। यह चुनाव तय कर देगा कि दोनों गठबंधनों कितनी ताकत रखते हैं।

8. 2017 में हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी फागू चौहान विजयी रहे थे। उन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को हराया था।

9. फागू चौहान को जब बिहार का राज्यपाल बनाया गया, तो सीट रिक्त होने से 2019 में उप चुनाव हुए। इसमें भी भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर ने सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को हराया।

(सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह)

10. हालांकि इसके बाद सपा को जीत का स्वाद चखने का मौका मिला। भाजपा छोड़कर सपा में आए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान ने भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर को हराया था।

11. लेकिन दिलचस्प यह है कि जैसे ही यूपी में भाजपा की फिर सरकार बनी, तो दारा सिंह चौहान सालभर के अंदर ही सपा से वापस भाजपा में लौट आए। अब इसी खाली सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव होना है।

12. घोसी विधानसभा उप चुनाव कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रचार में बड़े-बड़े नेता कूदे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित बेबीरानी मौर्य सहित ज्यादातर मंत्रियों ने प्रचार किया। सपा प्रत्याशी के पक्ष में भी सपा महासचिव शिवपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम सिंह तमाम बड़े नेता प्रचार में लगे रहे।

यह भी पढ़ें

G-20 Summit: ऐसा है 'THE LaLIT' जहां किन्नर-LGBT करेंगे VVIP का वेलकम

UP में मंत्री के घर BJP कार्यकर्ता का मर्डर: छोटे भाई ने उस रात फोन पर क्या अजीब आवाजें सुनी थीं?