1 फरवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और 73 देशों के राजनयिक प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान करेंगे। 

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में इन दिनों महाकुंभ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश से लाखों लोग संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं। महाकुंभ में मची भगदड़ में कई लोगों की मौत के बाद अब वीवीआईपी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच, एक फरवरी को उप उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने परिवार के साथ संगम में पवित्र स्नान करेंगे। इसके अलावा, महाकुंभ के भव्य आयोजन में 73 देशों के राजनयिक भी शिरकत करने वाले हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

महाकुंभ में शामिल होने का निमंत्रण किया स्वीकार 

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाकुंभ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा था कि वह संगम में डुबकी लगाएंगे और राष्ट्र की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित रहने का संकल्प लेंगे। उन्होंने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया।

73 देशों के राजनयिक महाकुंभ में होंगे शामिल

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और 73 देशों के राजनयिक महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। उपराष्ट्रपति के लिए अलग विमान की व्यवस्था की गई है, जबकि राजनयिकों के लिए अलग विशेष विमान की व्यवस्था की गई है। वह राजनयिक बमरौली एयरपोर्ट से संगम तक पहुंचेंगे और वहां आस्था की डुबकी लगाएंगे। महाकुंभ नगर इन दिनों संपूर्ण विश्व का आध्यात्मिक केंद्र बन गया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में रूस और यूक्रेन के राजदूत भी शामिल होंगे और ऐतिहासिक मेले के साक्षी बनेंगे।

यह भी पढ़ें: सामने आईं महाकुंभ में भगदड़ की 5 वजह, अब प्रशासन ने उठाए ये पांच बड़े एक्शन

इन देशों के राजनयिक महाकुंभ में शामिल 

जापान, अमेरिका, रूस, यूक्रेन, बांग्लादेश, जर्मनी, आर्मेनिया स्लोवेनिया, हंगरी, बेलारूस, सेशल्स, मंगोलिया, कजाकिस्तान, आस्ट्रिया, पेरु, ग्वाटेमाला, मैक्सिको, अल्जीरिया, दक्षिण आफ्रीका, अलसल्वाडोर, चेक रिपब्लिक, बुल्गारिया, जार्डन, जमैका, इरिट्रिया, फिनलैंड, ट्यूनीशिया, फ्रांस, एस्टोनिया, ब्राजील, सूरीनाम, जिंबाब्वे के राजनयिक शामिल हैं।

इनके अलावा मलेशिया, माल्टा, भूटान, लेसोथो, स्लोवाक, न्यूजीलैंड, कंबोडिया, किरगिज, चिली, साइप्रस, क्यूबा, नेपाल, रोमानिया, वेनेजुएला, अंगोला, गुयाना, फिजी, कोलंबिया, सीरिया, गिनी, म्यांमार, सोमालिया, इटली, बोत्सवाना, परागुआ, आईसलैंड, लातविया, नीदरलैंड, कैमरून, कनाडा, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, थाईलैंड, पोलैंड व बोलिविया के भी राजनयिक महाकुंभ आएंगे।