Everything About Mahakumbh 2025: मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में भगदड़ से कई श्रद्धालुओं की जान चली गई। प्रशासन की कई चूकों के कारण यह हादसा हुआ, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

महाकुंभ 2025 (प्रयागराज) : मौनी अमावस्या भगदड़ के बाद 5 बड़ी चूक के बाद 5 बड़े एक्शन महाकुंभ नगर। मौनी अमावस्या स्नान के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंचे, लेकिन भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई। इस हादसे में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने महाकुंभ नगर और प्रयागराज शहर को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया है। साथ ही रूटों पर भी डायवर्जन कर दिया है। जिसका नतीजा यह है कि पब्लिक हलाकान हो रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चश्मदीदों ने बताया कैसे महाकुंभ में मची भगदड़

 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 28 जनवरी की रात 1:30 से 2 बजे के बीच संगम नोज पर बैरिकेडिंग टूट गई, जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई। जिसमें कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। पीछे से धक्का लगने के कारण कई लोगों की दम घुटने, कुचलने और दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इस भगदड़ से हड़कंप मच गया। जो महाकुंभ पूरी दिव्यता एवं भव्यता के साथ आगे बढ़ रहा था, उस पर ग्रहण की कालिख लग गई। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रुधें गले से दुख जताया और प्रशासन से श्रद्धालुओं की हर सुविधा का ख्याल रखने का निर्देश दिया, बावजूद इसके पुलिस अपनी ही मनमानी में जुटी है।

 प्रशासन की 5 बड़ी चूक बनी हादसे की वजह

 1. प्रशासन ने अखाड़ों के लिए विशेष स्नान क्षेत्र निर्धारित किया, जिससे आम श्रद्धालुओं के लिए जगह कम बची।

 2. रात 10 बजे से भीड़ बढ़नी शुरू हुई, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। 

3. श्रद्धालुओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई, लेकिन भीड़ नियंत्रण में नहीं रही। 

4. जब हालात बिगड़े, तब तक पुलिस और प्रशासन कुछ नहीं कर पाया। 

5. संगम नोज पर भीड 10 लाख के आस पास थी और उनकी सिक्योरिटी के लिए मात्र 1000 पुलिस ही लगाए गए थे।

 अब आगे महाकुंभ क्या? प्रशासन ने उठाए ये बड़े कदम

 1. प्रयागराज जिले की सीमा चारों तरफ सील कर दी गई है। जिससे सीमा पर लाखों लोग फंसे हुए हैं।

 2. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी की गई।

 3. बसंत पंचमी स्नान के लिए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की नई रणनीति बनाई जाएगी।

 4. आने-जाने के मार्ग अलग किए गए।

 5. न्यायिक जांच समिति एक महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।

यह भी पढ़ें-महाकुंभ में फिर बड़ा हादसा: लगी भीषण आग, कई टेंट जलकर हुए खाक