योगी सरकार ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ अभियान की अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ाई। अब तक 14 लाख से अधिक सुझाव मिले, जिनमें शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और विकास पर जनता की राय शामिल है। इन सुझावों से तैयार होगा यूपी का विज़न दस्तावेज़।

अगर आप भी उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपनी राय देना चाहते हैं, तो अब आपके पास और अधिक समय है। योगी सरकार ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ अभियान की अवधि को बढ़ा दिया है। पहले तय समय सीमा समाप्त हो चुकी थी, लेकिन अब यह पहल 30 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य है कि प्रदेश की अधिक से अधिक जनता अपनी राय और सुझाव देकर अगले दो दशकों के विकास की दिशा तय करने में सीधा योगदान कर सके।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अब तक मिले 14 लाख सुझाव, युवाओं की भागीदारी सबसे आगे

इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत अब तक 14 लाख से अधिक सुझाव सरकार तक पहुंच चुके हैं। इनमें से 11 लाख राय ग्रामीण क्षेत्रों से आई हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों से 3 लाख लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। यह आंकड़ा इस बात का सबूत है कि प्रदेश की जनता अपने भविष्य के रोडमैप को लेकर कितनी गंभीर है।

सुझाव देने वालों में युवाओं का उत्साह सबसे अधिक रहा। अब तक 6 लाख से ज्यादा राय 31 वर्ष से कम उम्र के युवाओं ने दी हैं। वहीं, 31 से 60 वर्ष के आयु वर्ग से 7 लाख सुझाव आए हैं और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों ने करीब 1 लाख सुझाव दर्ज कराए हैं।

यह भी पढ़ें: UP का खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, ‘फैब्रिक ऑफ फ्यूचर’ बना, अब फैशन के साथ होगी कमाई

किस क्षेत्र पर सबसे ज्यादा सुझाव मिले

  • शिक्षा क्षेत्र: 4.5 लाख से अधिक सुझाव
  • कृषि: 3 लाख से अधिक सुझाव
  • स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण–नगरीय विकास: 1–1 लाख से ज्यादा राय
  • आईटी और इंडस्ट्री: 40-40 हजार सुझाव
  • सुरक्षा से संबंधित: 30 हजार से अधिक सुझाव

इन आंकड़ों से साफ है कि जनता की प्राथमिकता शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो आने वाले दशकों में प्रदेश की दिशा तय करेंगे।

मुख्यमंत्री का जोर: ग्राम प्रधानों से संवाद

अभियान में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद किया है। ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रामीणों को इस पहल से जोड़ें और अधिक से अधिक लोगों को पोर्टल पर जाकर अपने सुझाव दर्ज करने के लिए प्रेरित करें।

सरकार का कहना है कि जनता के मिले सुझावों और विचारों के आधार पर ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ का विज़न दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा। यह दस्तावेज़ प्रदेश के विकास का ब्लूप्रिंट होगा और अगले 20 वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा तय करेगा।

यह भी पढ़ें: यूपीआईटीएस 2025 का समापन, पीयूष गोयल ने किया बड़ा ऐलान, स्वदेशी बनेगा भारत की ताकत