CM Yogi Janata Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने पारिवारिक विवादों को आपसी समझ से सुलझाने की सलाह दी और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा।

Yogi Adityanath Janata Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर कहते हैं कि प्रदेश के 25 करोड़ लोग ही उनका परिवार हैं। सोमवार को उन्होंने इस सोच को व्यवहार में भी उतारा। ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उन्होंने खुद हर व्यक्ति से मुलाकात की, उनकी समस्याएं ध्यान से सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

पारिवारिक विवाद सुलझाने पर दिया खास संदेश

कार्यक्रम के दौरान कई लोग पारिवारिक विवादों से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाया कि परिवार समाज की सबसे बड़ी ताकत और पूंजी होता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते टूटने नहीं चाहिए। यदि परिवार के सदस्य आपस में बैठकर समझदारी से बात करें, तो हर समस्या का हल निकल सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि थोड़ी सहनशीलता और समझदारी अपनाने से परिवार मजबूत होता है। झुकने से सम्मान कम नहीं होता, बल्कि रिश्ते और मजबूत होते हैं।

पुलिस-प्रशासन को बनाएं अंतिम विकल्प

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पारिवारिक झगड़ों में पुलिस या प्रशासन की मदद लेना अंतिम विकल्प होना चाहिए। पहले परिवार के बड़े-बुजुर्गों के साथ बैठकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें। अगर इसके बाद भी समस्या हल न हो, तभी प्रशासन की सहायता लें।

जन समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता जरूरी

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की हर समस्या को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का निस्तारण तेजी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। खासकर जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों और कमजोर लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन हो और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए।