यूपी में एक बार फिर एक मस्जिद को बुलडोजर से गिराया जा रहा है। 

Madni Masjid Bulldozer action in UP: यूपी में बुलडोजर एक बार फिर चलना शुरू हो गया है। अब कुशीनगर में एक मस्जिद को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है। जिले के हाटा नगर पालिका क्षेत्र में स्थित मदनी मस्जिद (Madni Masjid) पर योगी सरकार (Yogi Government) का बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Action) शुरू हो गया है। मस्जिद को गिराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भारी सुरक्षा बलों को लगाया है। प्रशासन का कहना है कि मस्जिद को अतिक्रमण कर बनाया गया है। हालांकि, मुस्लिम पक्षकारों ने इसे राजनैतिक साजिश करार दी है। तहसील प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नगर पालिका अधिनियम (Municipal Act) के तहत की जा रही।

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18 दिसंबर को शुरू हुई जांच, हाईकोर्ट से मिला था स्टे

मदनी मस्जिद पर प्रशासन की जांच 18 दिसंबर 2023 को शुरू हुई थी। यह जांच 23 दिसंबर 2024 को पूरी हो गई। प्रशासन का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद नगर पालिका ने मस्जिद इंतजामिया कमेटी को तीन बार नोटिस जारी कर भवन से जुड़े नक्शे और पत्रावलियां प्रस्तुत करने का समय दिया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके चलते प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध मानते हुए 9 फरवरी को बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी।

उधर, मस्जिद कमेटी ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (High Court) से 8 फरवरी तक स्टे (Stay Order) दे दिया था। इस स्टे की वजह से बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगी थी लेकिन स्टे खत्म होते ही 9 फरवरी को भारी पुलिस बल और 5 बुलडोजरों के साथ प्रशासन ने अवैध हिस्से को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। हालांकि, मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि रविवार को यह आननफानन की कार्रवाई खुद में प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

1999 में पास हुआ था दो मंजिला नक्शा, फिर बना 4 मंजिला अवैध निर्माण

मदनी मस्जिद को लेकर प्रशासन ने दावा किया है कि 1999 में जब मस्जिद का निर्माण शुरू हुआ था, तब केवल दो मंजिला भवन का नक्शा पास किया गया था। बाद में नियमों को ताक पर रखकर 4 मंजिला और भूतल का निर्माण कर दिया गया जो अब विवाद का कारण बन गया।

मस्जिद के पक्षकारों का दावा: प्रशासन ने खुद कराई थी पैमाइश

मदनी मस्जिद से जुड़े पक्षकारों का कहना है कि मस्जिद की जमीन का सीमांकन तहसील प्रशासन ने एसडीएम (SDM) की मौजूदगी में कराया था। उनका दावा है कि कुल 33 डिस्मिल जमीन में से मस्जिद मात्र 29 डिस्मिल पर बनी है, फिर भी प्रशासन ने इसे अवैध करार देकर कार्रवाई शुरू कर दी। मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता की इस क्षेत्र में कोई जमीन नहीं है लेकिन राजनीतिक कारणों से शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर जल्दबाजी में बुलडोजर चलाया गया। यही नहीं, यह कार्रवाई किस आदेश पर हो रही है, मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर क्या-क्या रिपोर्ट है इसको भी प्रशासन दिखाने से परहेज कर रहा है। मुस्लिम पक्ष ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से गैरकानूनी करार दिया है।

हिंदूवादी नेता ने लड़ी यह लड़ाई...

बताया जा रहा है कि इस अवैध निर्माण को लेकर हिंदूवादी नेता राम बच्चन सिंह (Ram Bachchan Singh) ने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं। 2017 में भाजपा (BJP) सरकार बनने के बाद भी इस मुद्दे को उठाया गया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। राम बच्चन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से मुलाकात कर इस पर ध्यान दिलाया तो प्रशासन ने हरकत में आते हुए हाटा नगर के करमहा चौराहे (Karmaha Chauraha) पर वार्ड नंबर 21 गांधी नगर में स्थित मदनी मस्जिद के निर्माण की जांच शुरू कर दी।

सियासी पारा चढ़ा...

मदनी मस्जिद पर योगी सरकार की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मुस्लिम संगठनों ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध दर्ज कराया है जबकि हिंदूवादी संगठनों ने इसे कानून के राज की जीत बताया।

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