टिहरी झील में 38वें राष्ट्रीय खेलों के कयाकिंग और कैनोइंग स्पर्धा में रोमांचक मुकाबले देखे गए। महिला और पुरुष वर्ग की 500 मीटर रेस में ओडिशा, उत्तराखंड और सर्विसेज की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।

टिहरी झील के पानी में कयाकिंग और कैनोइंग स्प्रिंट के आखिरी दिन का नज़ारा देखने लायक था। 38वें राष्ट्रीय खेल में खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, लय और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। खासकर महिला और पुरुष वर्ग के 500 मीटर स्पर्धाओं में जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। महिला K-4 500 मीटर स्पर्धा महिला K-4 500 मीटर रेस में ओडिशा की टीम ने सुनहरी जीत दर्ज की। श्रुति चौगुले, ओइनम बिद्या देवी, ओइनम बिनिता चानू और ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी की चौकड़ी ने 01:46.95 में रेस पूरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें निधि, डैली बिश्नोई, मनस्विनी स्वैन और एल. मीना देवी शामिल थीं, ने 01:48.65 में फिनिश लाइन पार कर रजत पदक जीता। वहीं, केरल की अन्ना एलिजाबेथ, एलीना बिजू, एंड्रिया पॉलोस और ट्रीसा जैकब की टीम ने 01:49.19 के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा उत्तराखंड की फेयरेंबन सोनिया देवी ने महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 02:06.935 सेकंड में रेस पूरी कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सर्विसेज की जी. पार्वती ने 02:07.800 के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओडिशा की ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी ने 02:08.466 के समय के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पुरुष K-4 500 मीटर स्पर्धा पुरुषों की K-4 500 मीटर रेस में सर्विसेज की टीम ने शानदार तालमेल और गति का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। सनी कुमार, वरिंदर सिंह, गोली रमेश और अजीत सिंह की टीम ने 01:28.320 में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। मेजबान राज्य उत्तराखंड की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी। आदित्य सैनी, विशाल ढांगी, हर्षवर्धन सिंह शेखावत और प्रभात कुमार की टीम ने 01:28.609 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। मध्य प्रदेश की टीम, जिसमें अक्षित बरोई, हिमांशु टंडन, सचिन और निंगोंबम मंजीत मीतेई शामिल थे, ने 01:30.355 में फिनिश लाइन पार कर कांस्य पदक जीता। झील पर रोमांचक नज़ारा टिहरी झील का वातावरण जोश और रोमांच से भरा रहा। राज्य सरकार और आयोजन समिति ने इस ऐतिहासिक स्थल पर खेलों का आयोजन कर एक नई पहचान बनाई है। खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि भारत में जल क्रीड़ा की क्षमता तेजी से बढ़ रही है।

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