कांवड़ यात्रा से पहले रुद्रप्रयाग प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। भारी बारिश के बीच यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन को लेकर सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

Kanwar Yatra Security: कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारियां

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैफिक को सुचारु रखना और श्रद्धालुओं को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम यात्रा फिलहाल व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में मौसम खराब होने और भारी बारिश के अलर्ट के कारण यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया था। उस दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया और हालात सामान्य होने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी गई।

विशाल मिश्रा ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी और डिजास्टर मैनेजमेंट कंट्रोल रूम 24 घंटे हालात पर नजर रखेगा। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए विशेष प्लान भी तैयार किया जा रहा है।

Heavy Rain Alert: बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई थीं दिक्कतें

इस सप्ताह उत्तराखंड में लगातार हुई भारी बारिश का असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी की, बंद मार्गों को जल्द खुलवाने की कार्रवाई की और आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह सक्रिय रखा।

Rudraprayag Weather Update: ऑरेंज अलर्ट के बाद कई सड़कें हुई थीं बंद

रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केदारनाथ क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। लगातार बारिश के कारण सिरोबगड़, बांसवाड़ा और मुंगटिया सहित कई इलाकों में सड़कें बाधित हो गई थीं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल किया गया और उसके बाद यातायात दोबारा शुरू कराया गया।

IMD Weather Advisory: मौसम विभाग की सलाह मानने की अपील

निहारिका तोमर ने कहा कि प्रशासन लगातार मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर श्रद्धालुओं और यात्रियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर रहा है। खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी जा रही है। मौसम सामान्य होने और सड़कें पूरी तरह खुलने के बाद ही आगे यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है।

Banbasa Sharda Barrage: शारदा बैराज पर रेड अलर्ट, एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया

इधर चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र में भी लगातार बारिश के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं। सिंचाई विभाग ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा शारदा बैराज के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। सुरक्षा के मद्देनजर सीमा क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोक दी गई, जबकि बैराज पर वाहनों का संचालन भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता प्रशांत कुमार ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है।

Uttarakhand Weather News: प्रशासन ने यात्रियों से की सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने स्थानीय लोगों, कांवड़ियों और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी और मौसम विभाग की एडवाइजरी पर भरोसा करें। जब तक मौसम पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक संवेदनशील इलाकों की यात्रा करने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।