मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में कुमाऊं के व्यापारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समाधान का आश्वासन देते हुए बताया कि 206+ सेवाएं सिंगल विंडो पर हैं और 29 हजार से अधिक MSME स्थापित किए गए हैं।
हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने और उनके समाधान के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
व्यापारियों ने रखीं ये प्रमुख समस्याएं
संवाद के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने की मांग भी उठाई गई।
व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़: CM धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक उत्तराखंड की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
धामी ने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया। उन्होंने व्यापारियों को ‘ब्रांड इंडिया’ का सच्चा राजदूत बताया।
206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन्वेस्टर्स समिट के बाद उद्योग जगत के सुझावों को ध्यान में रखते हुए 30 से अधिक नीतियां भी तैयार की गई हैं।
29 हजार से ज्यादा MSME इकाइयां स्थापित
धामी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू करने के साथ 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है।
पहाड़ों में भी बढ़ेंगी औद्योगिक गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जबकि सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
‘मेड इन उत्तराखंड’ को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य
धामी ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी पहलों के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ‘मेड इन उत्तराखंड’ को गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक बाजार में मजबूत ब्रांड बनाना है।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत की सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प पूरा होगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


