सावन शुरू होने से पहले रुद्रप्रयाग के कोटेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

रुद्रप्रयाग। पवित्र सावन माह की शुरुआत से पहले ही उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

महंत शिवानंद गिरि बोले- सावन में देवभूमि पहुंचते हैं लाखों शिवभक्त

कोटेश्वर मंदिर के महंत शिवानंद गिरि ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद विशेष माना जाता है। इसी कारण देशभर से श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि सावन आते ही केदारनाथ समेत उत्तराखंड के अनेक प्रसिद्ध और प्राचीन शिव मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय के समीप स्थित कोटेश्वर धाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

शास्त्रों में बताया गया है सावन पूजा का विशेष महत्व

महंत शिवानंद गिरि ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों में सावन माह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार इस महीने में शिवलिंग की पूजा करने से करोड़ों शिवलिंगों की आराधना के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यही वजह है कि भक्त सावन के दौरान शिव मंदिरों में विशेष रूप से दर्शन और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।

कांवड़ यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने पूरी की तैयारियां

दूसरी ओर, उत्तराखंड सरकार भी आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की है। इसमें गंगाजल संग्रह स्थलों की व्यवस्था, साफ-सफाई, आवास, परिवहन और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। जल पुलिस की तैनाती की गई है और कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की गई है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। उन्होंने सभी कांवड़ियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं भी दीं।

कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को सीधी चेतावनी

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।