उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मशहूर सिंगर दलेर मेहंदी को फोन कर उनका हालचाल जाना। हाल ही में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और सिंगर के बीच हुए विवाद के बाद सीएम ने मामले को खत्म करने की अपील की है।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मशहूर सिंगर दलेर मेहंदी को फोन किया। सीएम ने उनसे उनका हालचाल पूछा और पिछले कुछ दिनों में हुए विवाद पर बात की। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा को मानता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक संस्कृति, मेहमाननवाजी और भाईचारा देवभूमि की असली पहचान है। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा सम्मान होता है। गुरुवार को सीएम धामी ने दलेर मेहंदी से जुड़े इस विवाद को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी बात साफ कर दी है और उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था।
मीडिया से बात करते हुए सीएम धामी ने मंत्री के बयान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुबोध उनियाल को सिंगर की खराब तबीयत के बारे में जानकारी नहीं थी। मंत्री खुद आगे आकर इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। सीएम ने कहा, “ये सभी बड़े कलाकार हैं। उत्तराखंड हमेशा से लेखकों, कलाकारों और विद्वानों का सम्मान करता आया है।” पब्लिक के दबाव में हुए इस विवाद पर सीएम धामी ने कहा कि मंत्री ने बयान जारी कर साफ कर दिया है कि उनकी कोई गलत मंशा नहीं थी। सीएम का मानना है कि अब इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, "उस वक्त पब्लिक के दबाव में जो भी हुआ, उस पर मंत्री जी खुद बयान दे चुके हैं। उन्होंने साफ किया है कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। इसलिए मुझे लगता है कि अब सबको यह मामला खत्म मान लेना चाहिए।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में सीएम धामी ने लिखा, "मशहूर गायक श्री @dalermehndi जी से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान हाल ही में हुई घटना पर भी चर्चा हुई। देवभूमि उत्तराखंड 'अतिथि देवो भव:' की समृद्ध परंपरा का वाहक है। हमारी लोक संस्कृति, आतिथ्य सत्कार और सद्भाव देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं। यहां कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान हुआ है। हमारी कोशिश है कि इस घटना को पीछे छोड़कर आपसी बातचीत, सद्भाव और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें।"
इस बीच, सीएमओ ने बताया कि धामी ने दलेर मेहंदी के भाई और सिंगर मीका सिंह से भी फोन पर बात की। बातचीत के दौरान सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी गलतफहमी या मतभेद को अच्छे माहौल में बातचीत से सुलझाना चाहिए। उन्होंने आपसी सम्मान बनाए रखने की अहमियत पर भी बात की। सीएमओ के अनुसार, धामी ने फिर दोहराया कि उत्तराखंड हमेशा से 'अतिथि देवो भव:' की भावना को मानता है। सीएमओ ने कहा, "देवभूमि उत्तराखंड देश और दुनिया के कलाकारों का दिल से स्वागत और सम्मान करता है। राज्य सरकार कला, संस्कृति और कलाकारों का सम्मान करने के लिए हमेशा तैयार है।"
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नई टिहरी इलाके के नरेंद्र नगर में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का आयोजन हो रहा था। इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी परफॉर्म कर रहे थे। तभी मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें बीच में टोक दिया और उनकी गायकी पर सवाल उठाए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दिए। वीडियो में मंत्री को सिंगर की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाते हुए सुना जा सकता है। मंत्री कह रहे थे कि उन्हें दर्शकों के मनोरंजन के लिए बुलाया गया है।
उन्होंने दलेर मेहंदी से यह भी कहा कि उन्हें एक बड़े कलाकार के तौर पर अपनी इज्जत का ख्याल रखना चाहिए। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें उड़ीं कि दलेर मेहंदी नशे में थे और ठीक से गा नहीं पा रहे थे। हालांकि, इन दावों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। बाद में सुबोध उनियाल ने एएनआई को बताया कि उन्होंने सिंगर से इसलिए सवाल किए क्योंकि उन्हें लगा कि मेहंदी लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक (lip-sync) कर रहे थे। मंत्री ने यह भी दावा किया कि सिंगर को इस परफॉर्मेंस के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे। उन्होंने शो के तरीके पर भी नाराजगी जताई थी। इस घटना के बाद मीका सिंह और बादशाह समेत कई सिंगर्स दलेर मेहंदी के सपोर्ट में उतर आए हैं।
