उत्तराखंड में धामी सरकार के 73 जनसेवा शिविरों में 64 हजार से अधिक लोग पहुंचे। 22 हजार लाभार्थियों को योजनाओं का फायदा मिला और 4901 शिकायतों का समाधान हुआ।
उत्तराखंड सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया जा रहा 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार- सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा' प्रदेशभर में लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। इस अभियान के जरिए सरकार सीधे लोगों तक पहुंच रही है और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 9 जुलाई 2026 तक अभियान के आंकड़े बताते हैं कि इस पहल को जनता का व्यापक समर्थन मिला है।
Uttarakhand Jan Seva Camp: 73 शिविरों में 64 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी
4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश के सभी जिलों में कुल 73 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 64 हजार 192 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह अभियान आम जनता की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। खासतौर पर दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को सरकारी सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराई गईं।
Government Schemes: 22 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को मिला सीधा फायदा
जनसेवा शिविरों के दौरान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 21 हजार 908 लोगों को मौके पर ही लाभ दिया गया। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे लोगों का समय बचा और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हुई।
Public Grievance: 5 हजार से ज्यादा शिकायतें मिलीं, अधिकांश का मौके पर समाधान
अभियान के दौरान कुल 5 हजार 567 शिकायतें और प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 4 हजार 901 मामलों का शिविरों में ही निस्तारण कर दिया गया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर तय समय सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक की शिकायत लंबित न रहे।
Certificate Services: हजारों लोगों ने प्रमाण-पत्रों के लिए किया आवेदन
जनसेवा शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी सहित अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों के लिए 2 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे साफ है कि यह पहल खासकर गरीब, जरूरतमंद और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
CM Pushkar Singh Dhami: अधिकारियों को फील्ड में जाकर समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय अधिकारी स्वयं शिविरों में मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक शिविर में निर्णय लेने वाले अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और अधिकतर शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
Service SuShasan Campaign: जनता और सरकार के बीच बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा' केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान हुआ है। साथ ही सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है।


