मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने देहरादून के मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर SIR प्रक्रिया की समीक्षा की और मतदाताओं से फीडबैक लिया।
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम मंगलवार को देहरादून के विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, नोटिसों की सुनवाई से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली और मतदाताओं से सीधे बातचीत कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना था कि चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी तथा सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
Uttarakhand Voter List Revision: देहरादून के मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने देहरादून जिले के राजपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-65, प्राथमिक विद्यालय दिलाराम बाजार तथा रायपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-10, प्राथमिक विद्यालय डांडा खुदानेवाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यह भी देखा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत जारी नोटिसों की सुनवाई किस प्रकार की जा रही है। उन्होंने मतदाताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जाने।
Election SIR Process: जमीनी चुनौतियों को समझने के लिए हो रहे फील्ड विजिट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इन फील्ड विजिट का मकसद केवल निरीक्षण करना नहीं है, बल्कि उन व्यवहारिक चुनौतियों को समझना भी है जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी मंडल आयुक्तों, जिलाधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को भी नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को डॉ. पुरुषोत्तम ने हरिद्वार जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण किया था।
BLO Verification: सामान्य विसंगतियों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सामान्य प्रकार की विसंगतियों वाले नोटिसों का निस्तारण बीएलओ स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि बीएलओ आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर मामलों का समाधान करें, ताकि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी और प्रक्रिया भी तेज होगी।
Voter Mapping Issue: मैपिंग से छूटे मतदाताओं पर विशेष फोकस
डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, उन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने ईआरओ और एईआरओ अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों की सुनवाई गंभीरता से करें और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
CEO Office Team Inspection: जिलों में निरीक्षण के लिए अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर सीईओ कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को देहरादून और हरिद्वार जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास ऊधमसिंह नगर, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में निरीक्षण कार्यों की निगरानी करेंगे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, ईआरओ रायपुर डॉ. अपूर्वा सिंह, ईआरओ राजपुर श्री तनवीर मारवाह और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नरेंद्र देवली भी मौजूद रहे।


