क्या Bluetooth ऑन रखने से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है? जानिए Bluetooth Low Energy तकनीक कैसे काम करती है और बैटरी की खपत में स्क्रीन व GPS की क्या भूमिका होती है।
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या Bluetooth को लगातार ऑन रखने से फोन की बैटरी तेजी से खत्म होती है। इसी वजह से कई लोग हर बार ईयरबड्स, स्मार्टवॉच या अन्य डिवाइस का इस्तेमाल करने के बाद Bluetooth बंद कर देते हैं। लेकिन हालिया परीक्षण और तकनीकी तथ्यों से पता चलता है कि हकीकत इससे काफी अलग है।

कई टेस्ट में पाया गया कि पूरे दिन Bluetooth ऑन रखने के बावजूद फोन की बैटरी पर बहुत मामूली असर पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, Bluetooth लगातार चालू रहने पर भी बैटरी की खपत सिर्फ 1 से 2 प्रतिशत तक ही बढ़ी। यानी आम उपयोगकर्ताओं के लिए Bluetooth बैटरी खत्म होने की बड़ी वजह नहीं है।
Bluetooth Low Energy तकनीक कैसे बचाती है बैटरी?
स्मार्टफोन Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। यह तकनीक कम ऊर्जा खर्च करते हुए डेटा ट्रांसफर करने के लिए डिजाइन की गई है। BLE छोटे-छोटे डेटा पैकेट भेजता है, जिससे फोन और उससे जुड़े डिवाइस दोनों की बैटरी की बचत होती है। खास बात यह है कि जब Bluetooth केवल ऑन रहता है और किसी डिवाइस से कनेक्ट नहीं होता, तब उसकी बिजली खपत बेहद कम होती है। ऐसे में केवल Bluetooth चालू रहने से बैटरी पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ता।
फिर फोन की बैटरी जल्दी खत्म क्यों होती है?
अगर आपका फोन तेजी से डिस्चार्ज हो रहा है, तो इसकी वजह अक्सर Bluetooth नहीं होती। तकनीकी परीक्षणों के अनुसार सबसे ज्यादा बैटरी स्क्रीन और लोकेशन सर्विसेज (GPS) खर्च करती हैं।
लगातार स्क्रीन ऑन रहने पर फोन की कुल बैटरी का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा खर्च हो सकता है। वहीं GPS और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सेवाएं हर घंटे 10 से 20 प्रतिशत तक बैटरी खपत बढ़ा सकती हैं।इसी वजह से विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी बचाने के लिए स्क्रीन ब्राइटनेस को नियंत्रित रखें और जरूरत न होने पर लोकेशन सर्विस बंद कर दें।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि Bluetooth को कभी बंद ही न किया जाए। यदि आप लंबे समय तक किसी Bluetooth डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करने वाले हैं, तो इसे बंद करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन केवल बैटरी बचाने के लिए बार-बार Bluetooth ऑन-ऑफ करना अब पहले जितना जरूरी नहीं रह गया है।


