DDR RAM की बढ़ती कीमतों और इंटेल प्रोसेसर की कमी से लैपटॉप व कंप्यूटर महंगे हो रहे हैं। AI की मांग और वैश्विक तनाव के कारण कीमतों में 10-12% की वृद्धि हुई है और आगे भी दाम बढ़ने की आशंका है।

नई दिल्ली: अगर आप नया लैपटॉप या कंप्यूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। DDR RAM के दाम आसमान छू रहे हैं और इंटेल के एंट्री-लेवल प्रोसेसर की भी भारी कमी हो गई है। मार्केट पर नजर रखने वाली फर्म्स IDC और काउंटरपॉइंट के एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कंप्यूटर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी। आपको बता दें कि 2025 में भारत में पीसी शिपमेंट ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। पहली बार साल में 1.5 करोड़ (15.9 मिलियन) से ज्यादा यूनिट्स बिके थे। लेकिन इस साल कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बिक्री में 8% तक की गिरावट आ सकती है।

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IDC इंडिया के सीनियर मार्केट एनालिस्ट भरत शेणै के मुताबिक, RAM की कीमतें 2.5 से 3 गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे लैपटॉप 10-12% महंगे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मार्च में कीमतों में 8-10% की और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। आने वाले कुछ महीनों में दाम 10% और बढ़ सकते हैं। जो लैपटॉप पहले 30,000–35,000 रुपये में मिल जाता था, अब उसकी कीमत 45,000 रुपये के पार पहुंच गई है। यह स्टूडेंट्स और आम खरीदारों के लिए एक बड़ा झटका है।

होरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव का असर

होरमुज़ जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव का असर फ्यूल और पेट्रोकेमिकल सप्लाई पर पड़ा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे सेमीकंडक्टर बनाने की लागत अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ सकती है और पार्ट्स की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

काउंटरपॉइंट रिसर्च की सीनियर एनालिस्ट अंशिका जैन के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी डिमांड के चलते मेमोरी चिप्स की सप्लाई उस तरफ चली गई है। इसी वजह से DRAM और NAND के दाम आसमान छू रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव और महंगाई भी इसकी एक बड़ी वजह है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में युद्ध के माहौल ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

ग्राहक और कंपनियां क्या कर रही हैं?

बढ़ती कीमतों से बचने के लिए कई बिजनेस और छोटी कंपनियां अभी से ही थोक में खरीदारी कर रही हैं। माना जा रहा है कि 2027 की दूसरी छमाही तक कीमतों में कोई खास कमी आने की उम्मीद नहीं है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के फाउंडर प्रेसिडेंट कैलाश लखियानी ने कहा, “नवंबर से हर महीने दाम बढ़ रहे हैं। असेंबल किए गए कंप्यूटरों की कीमतें तो अब आसमान पर हैं। सरकार को ब्लैक मार्केट में महंगे दाम पर पार्ट्स बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”