ऑनलाइन शॉपिंग से पहले ब्राउजर में कुछ सेटिंग्स ऑन करने से आप शॉपिंग पर अपने ढेर सारे पैसे बचा सकते हैं। इससे आपको सामान की असली और सबसे कम कीमत का पता चलता है।

Online Shopping Tricks: अमेजन या फ्लिपकार्ट पर कोई महंगा फोन, लैपटॉप या फ्रिज पसंद आया, तो हम और आप क्या करते हैं? तुरंत 'Buy Now' या 'Add to Cart' कर देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी इसी जल्दबाजी का फायदा उठाकर ये ई-कॉमर्स कंपनियां आपसे ज्यादा पैसे वसूल लेती हैं? जी हां, ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में कीमतों का खेल पल-पल बदलता है. जो सामान अभी 50,000 रुपए का दिख रहा है, हो सकता है कि वह रात को 45,000 का हो जाए या दो दिन पहले उसकी कीमत सिर्फ 42,000 रुपए थी। अब आप दिन-रात स्क्रीन के सामने बैठकर प्राइस तो ट्रैक नहीं करेंगे। इसीलिए आज हम आपको आपके इंटरनेट ब्राउजर (Google Chrome, Safari, Edge और अन्य) की एक ऐसी सेटिंग और ट्रिक बताने जा रहे हैं, जिसे ऑन करते ही आपको खुद पता चल जाएगा कि आप जो सामान खरीद रहे हैं, वो सही कीमत पर मिल रहा है या नहीं.

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कंपनियां आपसे क्या छुपाती हैं?

कंपनियां 'डायनेमिक प्राइसिंग' (Dynamic Pricing) का इस्तेमाल करती हैं. आसान शब्दों में कहें तो जैसे-जैसे डिमांड बढ़ती है या आपके सर्च करने का तरीका बदलता है, सामान के दाम ऊपर-नीचे होते रहते हैं। कई बार 'बंपर डिस्काउंट' के नाम पर पुरानी असली कीमत को ही ऑफर प्राइस बताकर बेच दिया जाता है। इससे बचने के लिए आपको अपने ब्राउजर में सिर्फ दो छोटे काम करने हैं।

सेटिंग नंबर 1: ब्राउजर में इंस्टॉल करें 'प्राइस ट्रैकर' एक्सटेंशन

यह सबसे आसान तरीका है। आपको अपने लैपटॉप या मोबाइल के क्रोम ब्राउजर में एक छोटा सा फ्री टूल (Extension) जोड़ना है. जैसे ही आप इसे ऑन करेंगे, आप जब भी अमेजन या फ्लिपकार्ट पर कोई सामान खोलेंगे, तो यह टूल आपको उस प्रोडक्ट का पूरा इतिहास (Price History) दिखा देगा। यह एक ग्राफ के जरिए बताएगा कि पिछले 3 महीने या 1 साल में इस सामान की सबसे कम कीमत (Lowest Price) क्या थी और सबसे ज्यादा कीमत (Highest Price) क्या थी। अगर ग्राफ देखकर आपको लगे कि अभी कीमत बहुत ज्यादा है, तो आप उसमें 'प्राइस अलर्ट' (Price Alert) सेट कर सकते हैं। जैसे ही उस सामान के दाम आपकी मनपसंद कीमत तक गिरेंगे, यह टूल आपको तुरंत ईमेल या नोटिफिकेशन भेज देगा।

सेटिंग नंबर 2: हमेशा 'Incognito Mode' या 'Private Browsing' का करें यूज

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने कोई शूज या फोन सर्च किया और उसके बाद आप इंटरनेट पर जहां भी जा रहे हैं, आपको उसी सामान के विज्ञापन (Ads) दिख रहे हैं? कंपनियां आपके ब्राउज़र की 'कुकीज' (Cookies) और 'कैश मेमोरी' (Cache) से आपका पीछा करती हैं। जब उन्हें पता चल जाता है कि आप किसी चीज को खरीदने के लिए बहुत बेताब हैं, तो कई बार उसकी कीमतें आपके लिए बढ़ा दी जाती हैं।

बचने का सिंपल तरीका

शॉपिंग करने से पहले अपने ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाएं और Clear Browsing Data या Cookies कर दें। या फिर सबसे आसान तरीका अपने ब्राउज़र में Incognito Window (प्राइवेट मोड) ओपन करें और उसके बाद अमेजन या फ्लिपकार्ट पर लॉग-इन किए बिना सामान का दाम चेक करें। आपको अक्सर कीमतों में अंतर देखने को मिल जाएगा।

स्मार्ट शॉपिंग के 3 हैक्स

  1. फाइनल पेमेंट पेज पर जाने से पहले हमेशा 'All Offers' वाले सेक्शन को खोलकर देखें।
  2. कई बार बिना किसी सेल के भी कुछ खास बैंकों के क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर सीधे 10% से 15% की बचत हो जाती है।
  3. कई ब्राउजर एक्सटेंशन अपने आप इंटरनेट से सबसे बेस्ट वर्किंग कूपन कोड ढूंढकर आपके कार्ट पर अप्लाई कर देते हैं, जिससे बैठे-बैठे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ जागरूकता और सामान्य ज्ञान के लिए है। आर्टिकल में बताए गए टूल्स, एक्सटेंशन या ब्राउजर सेटिंग्स का ई-कॉमर्स कंपनियों (Amazon या Flipkart) से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। थर्ड-पार्टी ऐप्स या टूल्स का इस्तेमाल आप अपनी जिम्मेदारी पर करें। किसी भी सामान को खरीदने से पहले उसकी कीमत, वारंटी और रिफंड पॉलिसी को ऑफिशियल वेबसाइट पर खुद जरूर री-चेक कर लें।